🕉️ 05 October 2026, Monday · 03:09:05 AM · CDSHARMA.IN
卐
ॐ
वैदिकं ज्योतिषं दिव्यं वेदचक्षुः सनातनम्।
स्तूयते सादरं नित्यं छत्रधरेण शर्मणा॥

वैदिक ज्योतिष से जानें अपना भविष्य

शुद्ध वैदिक पंचांग व ज्योतिष परामर्श पं. छत्रधर शर्माजी के साथ

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पं. छत्रधर शर्माजी महाराज

(भागवत-मानस प्रवक्ता, जन्मकुण्डली विशेषज्ञ)

🕉️ आज का पंचांग

05 October 2026, रविवार · 03:09 AM · Ujjain समयानुसार

🕐 वर्तमान द्विघड़िया-मुहूर्त (48-मिनट, शास्त्रीय)

🟢 शम्भु

03:05 AM - 03:54 AM · शुभ

अगला: सावित्र (03:54 AM - 04:42 AM)

📋 पूरी सूची व कार्य-अनुसार-खोज → 🕉️ हिन्दुसमयः (घटी-घड़ी) →
🌗 वार्षिक सूर्य-चन्द्र ग्रहण निर्णय →

🪐 ग्रह-गोचर-फल व पंचक

सभी 9 ग्रह + गुलिक + प्राणपद — अभी कहां हैं?

वर्तमान-राशि, राशिवार-फल व पंचक-काल देखें →

👶 शिशु-नामकरण सहायक

जन्म-विवरण से नक्षत्र व शुभ-नाम-सुझाव पाएं

📖 ज्योतिष-शब्दकोश 🌙 स्वप्न-फल 🪐 साढ़ेसाती-ट्रैकर 🕯️ श्राद्ध-तिथि-खोजक 🙏 प्रश्न-पूछें ⏰ जन्म-समय-सुधार 🗓️ व्रत-त्योहार कैलेंडर ✨ शुभ-योग कैलेंडर ☀️ संक्रांति-निर्णय 🕉️ प्रदोष-शिवरात्रि 🪔 अगली एकादशी निर्णय 🌧️ आर्द्रा-प्रवेश 🌾 विश्वा-पंचांग 🌬️ शिव स्वरोदय यन्त्र 🪙 ऋण-मुक्ति मुहूर्त 🫦 अंग-स्फुरण शकुन 🚩 हनुमान प्रश्नावली 🌿 नक्षत्र-वृक्ष यन्त्र 🦅 पञ्च-पक्षी शास्त्र ⏳ काल-होरा चक्र 📖 रामशलाका प्रश्नावली ✋ हस्तरेखा महायन्त्र 🍃 प्रश्नमार्ग ताम्बूल 🪔 कष्ट-निदान 🔮 महा-निदान चक्र 🚘 वाहन-यन्त्र विचार

ⓘ The main city's coordinates for your selected state will be used automatically (approximate).

🌙
तिथि
नवमी
कृष्ण पक्ष · रिक्ता · 04:08 AM बजे तक
⭐
नक्षत्र
पुष्य
पद 1 · 11:21 PM बजे तक
🔗
योग
शिव
10:03 AM बजे तक
⚡
करण
गर
04:08 AM बजे तक
🌅
सूर्योदय
06:20 AM
🌇
सूर्यास्त
06:11 PM
🌒
चंद्रोदय
03:20 AM
🌘
चंद्रास्त
04:42 PM
🗓️
वार
रविवार
📅
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
🌗
पक्ष
कृष्ण पक्ष
🍂
ऋतु
शरद
☀️
अयन
दक्षिणायन
📜
विक्रम संवत्
2083
रौद्र संवत्सर (उत्तर) · दक्षिण: पराभव
📜
शक संवत्
1948
🧭
दिशाशूल (यात्रा हेतु)
पश्चिम
इस दिशा में यात्रा वर्जित मानी जाती है
🕉️
शिववास
माँ गौरी के सान्निध्य में
✅ काम्य-रुद्राभिषेक हेतु ग्राह्य
फल व विवरण देखें

परम कल्याणकारी। समस्त कार्यों की सिद्धि होती है, घर में सुख-समृद्धि व सौभाग्य का वास होता है।

ⓘ यह सिर्फ़ काम्य (विशेष-संकल्पित) रुद्राभिषेक हेतु प्रासंगिक है — नित्य-पूजा/जलार्पण के लिए शिववास देखने की आवश्यकता नहीं।

🔥
अग्निवास
पाताल में
⚠️ काम्य-हवन हेतु वर्जित
फल व विवरण देखें

अशुभ। पाताल में अग्निवास होने पर हवन करने से आर्थिक नुकसान, व्यापार में हानि व संचित धन का नाश होता है।

ⓘ यह सिर्फ़ काम्य-अनुष्ठान (नवचंडी, ग्रह-शांति, विशेष-मनोकामना-हवन आदि) हेतु प्रासंगिक है — विवाह/उपनयन जैसे षोडश-संस्कार, नित्य-अग्निहोत्र व नवरात्र/ग्रहण/श्राद्ध-निमित्त हवन में अग्निवास सदा पृथ्वी पर ही माना जाता है, विचार की आवश्यकता नहीं।

🌙
चंद्रवास
पश्चिम
यात्रा-मुहूर्त हेतु इस दिशा से बचने की सलाह
🧿
योगिनी (यात्रा हेतु)
पूर्व
इस दिशा सम्मुख यात्रा से बचें — दाहिने/पीछे शुभ
🔯
नक्षत्र-संज्ञा
क्षिप्र (लघु)
योग्य-कार्य: क्रय-विक्रय, दुकान खोलना, औषधि-सेवन, शिल्प-कला, विद्यारम्भ, आभूषण-निर्माण व यात्रा
📿
कलियुग वर्ष
5127

ⓘ संवत्सर नाम: प्रामाणिक 60-वर्षीय संवत्सर-चक्र पद्धति से (मुख्यधारा पंचांगों जैसी)। गुरु वर्तमान में कर्क राशि में है (सूचनार्थ)।

🪐 गोचर कुंडली

ग्रह स्थिति (निरयण/सायडेरियल) — 05 October 2026, 03:09 AM

1234च मं गु5के6सू7बु शु891011रा12शCDSharma.in

राशि चार्ट (North Indian स्टाइल) — भाव 1 सदैव मेष (कोई लग्न आवश्यक नहीं, यह गोचर/राशि चार्ट है)

☉
सूर्य
कन्या — 17.5°
हस्त, पद 3
☽
चंद्र
कर्क — 4.9°
पुष्य, पद 1
♂
मंगल
कर्क — 9.3°
पुष्य, पद 2
☿
बुध
तुला — 11.1°
स्वाति, पद 2
♃
गुरु
कर्क — 25.7°
आश्लेषा, पद 3
♀
शुक्र वक्री
तुला — 13.8°
स्वाति, पद 3
♄
शनि वक्री
मीन — 16.7°
रेवती, पद 1
☊
राहु वक्री
कुंभ — 3.3°
धनिष्ठा, पद 3
☋
केतु वक्री
सिंह — 3.3°
मघा, पद 1

🪐 पूरा गोचर-विवरण (दिनांक बदलकर) देखें →

🕉️ मुहूर्त व शुभ-अशुभ काल-विचार

✨ सर्वार्थ सिद्धि योग — नया कार्य, व्यापार-आरंभ, शिक्षा, यात्रा व निवेश हेतु शुभ माना जाता है।
✨ रवि पुष्य योग — मूल्यवान वस्तुओं की खरीद व समृद्धि-संबंधी कार्यों हेतु शुभ।
🏠
नूतन/जीर्ण गृहप्रवेश व गृहारंभ
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

🏪
व्यापार पूजन/प्रारंभ
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

🛕
देवालय पूजन/प्रारंभ
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

🚰
वापी, कूप, तड़ाग पूजन/प्रारंभ
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

💍
विवाह (पाणिग्रहण)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

आज चातुर्मास-काल में है (विवाह जैसे मांगलिक-कार्य पारंपरिक रूप से वर्जित)

🏗️
भूमि-पूजन/शिलान्यास (गृह-निर्माण-आरंभ)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

🚗
वाहन-क्रय
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

💰
स्वर्ण/आभूषण-क्रय
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

📚
विद्यारंभ (अक्षर-ज्ञान प्रारंभ)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

🤰
सीमन्तोन्नयन (गर्भ-संस्कार)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

🍚
अन्नप्राशन (शिशु का प्रथम अन्न-ग्रहण)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

🧵
उपनयन (यज्ञोपवीत/जनेऊ संस्कार)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज रिक्ता-तिथि है (सामान्यतः शुभ-कार्य हेतु वर्जित)

ⓘ यह सामान्य, सरलीकृत संकेत है (रिक्ता-तिथि, शिववास व मुख्य अनुकूल-नक्षत्र आधारित) — पूर्ण पंचांग-मिलान व व्यक्तिगत कुंडली का विकल्प नहीं। विवाह, गृह-निर्माण जैसे बड़े निर्णयों हेतु किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत मुहूर्त अवश्य लें।

💍 आगामी शुभ विवाह-मुहूर्त तारीखें देखें →

🕉️ अन्य शुभ-मुहूर्त (गृहप्रवेश, वाहन-क्रय, व्यापार-प्रारंभ आदि) देखें →

🎉 विशेष व्रत-पर्व-त्योहार (निर्णय)

04 Oct 2026 · पर्व

नवमी श्राद्ध

कुतुप मूहूर्त - 11:28AM से 12:16PM

रौहिण मूहूर्त - 12:16PM से 01:03PM

अपराह्न काल - 01:03PM से 03:26PM

नवमी तिथि प्रारम्भ - 04 अक्टूबर 2026 को 05:51AM

नवमी तिथि समाप्त - 05 अक्टूबर 2026 को 03:53AM

05 Oct 2026 · पर्व

दशमी श्राद्ध

कुतुप मूहूर्त - 11:28AM से 12:15PM

रौहिण मूहूर्त - 12:15PM से 01:03PM

अपराह्न काल - 01:03PM से 03:25PM

दशमी तिथि प्रारम्भ - 05 अक्टूबर 2026 को 03:53AM

दशमी तिथि समाप्त - 06 अक्टूबर 2026 को 02:07AM

06 Oct 2026 · पर्व

एकादशी श्राद्ध

कुतुप मूहूर्त - 11:28AM से 12:15PM

रौहिण मूहूर्त - 12:15PM से 01:03PM

अपराह्न काल - 01:03M से 03:25PM

एकादशी तिथि प्रारम्भ - 06 अक्टूबर 2026 को 02:07AM

एकादशी तिथि समाप्त - 07 अक्टूबर 2026 को 12:34AM

06 Oct 2026 · व्रत

इन्दिरा एकादशी

07 अक्टूबर पारण - 06:14AM से 08:18AM

हरिवासर समाप्ति - 06:14AM

एकादशी तिथि प्रारम्भ - 06 अक्टूबर 2026 को 02:07AM

एकादशी तिथि समाप्त - 07 अक्टूबर 2026 को 12:34AM

07 Oct 2026 · पर्व

द्वादशी श्राद्ध

कुतुप मूहूर्त - 11:27AM से 12:15PM

रौहिण मूहूर्त - 12:15PM से 01:02PM

अपराह्न काल - 01:02PM से 03:24PM

द्वादशी तिथि प्रारम्भ - 07 अक्टूबर 2026 को 12:34AM

द्वादशी तिथि समाप्त - 07 अक्टूबर 2026 को 11:16PM

08 Oct 2026 · पर्व

त्रयोदशी श्राद्ध

कुतुप मूहूर्त - 11:27AM से 12:14PM

रौहिण मूहूर्त - 12:14PM से 01:02PM

अपराह्न काल - 01:02PM से 03:23PM

त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - 07Vअक्टूबर 2026 को 11:16PM

त्रयोदशी तिथि समाप्त - 08 अक्टूबर 2026 को 10:15PM

09 Oct 2026 · पर्व

चतुर्दशी श्राद्ध

कुतुप मूहूर्त - 11:27AM से 12:14PM

रौहिण मूहूर्त - 12:14PM से 01:01PM

अपराह्न काल - 01:01PM से 03:23PM

चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - 08 अक्टूबर 2026 को 10:15PM

चतुर्दशी तिथि समाप्त - 09 अक्टूबर 2026 को 09:35PM

10 Oct 2026 · पर्व

अमावस्या श्राद्ध

कुतुप मूहूर्त - 11:27AM से 12:14PM

रौहिण मूहूर्त - 12:14PM से 01:01PM 

अपराह्न काल - 01:01PM से 03:22PM

अमावस्या तिथि प्रारम्भ - 09 अक्टूबर 2026 को 09:35PM

अमावस्या तिथि समाप्त - 10 अक्टूबर 2026 को 09:19PM

❌ अशुभ मुहूर्त

राहु काल04:42 PM - 06:11 PM
यमगंड12:16 PM - 01:45 PM
गुलिक काल03:14 PM - 04:42 PM
वर्ज्यम02:02 AM बजे - 03:38 AM बजे
दुर्मुहूर्त (पुरुहूत)01:27 PM - 02:14 PM
दुर्मुहूर्त (अर्यमा)04:37 PM - 05:24 PM

✅ शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:44 AM - 05:32 AM
अभिजित मुहूर्त11:52 AM - 12:39 PM
विजय मुहूर्त02:14 PM - 03:02 PM
गोधूलि मुहूर्त05:47 PM - 06:35 PM
निशीथ काल11:51 PM - 12:39 AM
अमृत काल10:50 PM बजे - अगले दिन 12:26 AM बजे

ⓘ वर्ज्यम/अमृत-काल नक्षत्र-आधारित घटी-सारणी से (व्यापक रूप से प्रचलित संस्करण — क्षेत्रीय-परंपरा से सटीक समय थोड़ा भिन्न हो सकता है)।

🙏 चारों संध्या

प्रातः संध्या05:32 AM - 06:44 AM
माध्याह्न संध्या11:52 AM - 12:40 PM
सायं संध्या05:47 PM - 06:59 PM
तुरीय संध्या11:51 PM - 12:39 AM

⏰ चारों मुहूर्त

प्रातः-मुहूर्त06:20 AM - 07:07 AM
अभिजित (माध्याह्न)11:52 AM - 12:39 PM
सायं-मुहूर्त05:24 PM - 06:11 PM
तुरीय-मुहूर्त11:51 PM - 12:40 AM

⭐ नक्षत्र — सभी 4 चरण

पद 1 (वर्तमान)

06:09 AM बजे तक

पद 2

11:52 AM बजे तक

पद 3

05:36 PM बजे तक

पद 4

11:21 PM बजे तक

🪐 पूरी 24-होरा सूची देखें (दिन व रात)
☀️ दिन के होरा
सूर्य होरा06:20 AM - 07:19 AM
शुक्र होरा07:19 AM - 08:19 AM
बुध होरा08:19 AM - 09:18 AM
चंद्र होरा09:18 AM - 10:17 AM
शनि होरा10:17 AM - 11:16 AM
गुरु होरा11:16 AM - 12:16 PM
मंगल होरा12:16 PM - 01:15 PM
सूर्य होरा01:15 PM - 02:14 PM
शुक्र होरा02:14 PM - 03:14 PM
बुध होरा03:14 PM - 04:13 PM
चंद्र होरा04:13 PM - 05:12 PM
शनि होरा05:12 PM - 06:11 PM
🌙 रात्रि के होरा
गुरु होरा06:11 PM - 07:12 PM
मंगल होरा07:12 PM - 08:12 PM
सूर्य होरा08:12 PM - 09:13 PM
शुक्र होरा09:13 PM - 10:14 PM
बुध होरा10:14 PM - 11:15 PM
चंद्र होरा11:15 PM - 12:15 AM
शनि होरा12:15 AM - 01:16 AM
गुरु होरा01:16 AM - 02:17 AM
मंगल होरा02:17 AM - 03:17 AM
सूर्य होरा03:17 AM - 04:18 AM
शुक्र होरा04:18 AM - 05:19 AM
बुध होरा05:19 AM - 06:20 AM
🕐 आज की चौघड़िया (दिन व रात) देखें
☀️ दिन की चौघड़िया
उद्वेग 06:20 AM - 07:49 AM
चर 07:49 AM - 09:18 AM
लाभ 09:18 AM - 10:47 AM
अमृत 10:47 AM - 12:16 PM
काल 12:16 PM - 01:45 PM
शुभ 01:45 PM - 03:14 PM
रोग 03:14 PM - 04:42 PM
उद्वेग 04:42 PM - 06:11 PM
🌙 रात की चौघड़िया
शुभ 06:11 PM - 07:42 PM
अमृत 07:42 PM - 09:13 PM
चर 09:13 PM - 10:44 PM
रोग 10:44 PM - 12:15 AM
काल 12:15 AM - 01:46 AM
लाभ 01:46 AM - 03:17 AM
उद्वेग 03:17 AM - 04:49 AM
शुभ 04:49 AM - 06:20 AM
📿 30 दैनिक मुहूर्त (अहोरात्र काल-विभाजन) देखें
☀️ दिन के 15 मुहूर्त
1. रुद्र06:20 AM - 07:07 AM
2. आहि07:07 AM - 07:55 AM
3. मित्र07:55 AM - 08:42 AM
4. पितृ08:42 AM - 09:30 AM
5. वसु09:30 AM - 10:17 AM
6. वाराह10:17 AM - 11:05 AM
7. विश्वेदेवा11:05 AM - 11:52 AM
8. विधि11:52 AM - 12:39 PM
9. सुतमुखि12:39 PM - 01:27 PM
10. पुरुहूत01:27 PM - 02:14 PM
11. वाहिनी02:14 PM - 03:02 PM
12. नक्तंचरा03:02 PM - 03:49 PM
13. वरुण03:49 PM - 04:37 PM
14. अर्यमा04:37 PM - 05:24 PM
15. भग05:24 PM - 06:11 PM
🌙 रात्रि के 15 मुहूर्त
16. गिरीश06:11 PM - 07:00 PM
17. अजपाद07:00 PM - 07:48 PM
18. अहिर्बुध्न्य07:48 PM - 08:37 PM
19. पूषा08:37 PM - 09:25 PM
20. अश्विनी09:25 PM - 10:14 PM
21. यम10:14 PM - 11:02 PM
22. अग्नि11:02 PM - 11:51 PM
23. विधाता11:51 PM - 12:40 AM
24. कण्ड12:40 AM - 01:28 AM
25. अदिति01:28 AM - 02:17 AM
26. जीव02:17 AM - 03:05 AM
27. विष्णु03:05 AM - 03:54 AM
28. द्युमनि03:54 AM - 04:42 AM
29. ब्रह्म04:42 AM - 05:31 AM
30. समुद्र05:31 AM - 06:20 AM

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हवा-- km/h
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दृश्यता-- km
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सूर्यास्त--:--
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💬 ग्राहकों की राय

हज़ारों संतुष्ट ग्राहकों में से कुछ की प्रतिक्रिया

कमल किशोर दुबे (वाराणसी)

"परामर्श सेवा: चंद्र-केतु युति निवारण एवं पारिवारिक समरसता समस्या: घर में निरंतर गृहक्लेश, अनिद्रा और परिवार के सदस्यों में अकारण द्वेष। समाधान: चंद्रमा को बलवान करने के उपाय, कुलदेवी/देवता का पूजन विधान और घर में वैदिक शांति पाठ का मार्गदर्शन। परिणाम: पारिवारिक विवाद समाप्त हुए और घर में सुख-शांति व सामंजस्य स्थापित हुआ। ग्राहक समीक्षा: "पंडित जी केवल भविष्य नहीं बताते, बल्कि परिवार को जोड़ने और मानसिक शांति पाने का सही मार्ग भी दिखाते हैं। अत्यंत दिव्य अनुभव!""

— कमल किशोर दुबे (वाराणसी)
सीए महेश जोशी (इंदौर)

"परामर्श सेवा: मुहूर्त निर्धारण (गृह प्रवेश एवं कार्यालय उद्घाटन) समस्या: पारिवारिक असमंजस के कारण सही समय पर गृह प्रवेश और नए ऑफिस का उद्घाटन नहीं हो पा रहा था। समाधान: पंचांग शुद्धि, त्रिबल विचार और परिवार के मुखिया की राशि अनुसार सर्वोत्तम अमृत योग मुहूर्त निकाला गया। परिणाम: निर्विघ्न रूप से गृह प्रवेश सम्पन्न हुआ और व्यापारिक प्रतिष्ठान में निरंतर उन्नति हो रही है। समीक्षा: "मुहूर्त गणना में इतनी सूक्ष्मता और शास्त्रीय प्रमाण मैंने पहली बार देखा। पूरा आयोजन बिना किसी विघ्न के शांति से सम्पन्न हुआ।""

— सीए महेश जोशी (इंदौर)
दीपक पांडेय (इन्वेस्टमेंट बैंकर, मुंबई)

"परामर्श सेवा: दोष विचार एवं वैदिक निवारण समस्या: अनंत कालसर्प योग और प्रबल मांगलिक दोष के कारण जीवन में आकस्मिक रुकावटें और भय बना रहता था। समाधान: शास्त्र सम्मत कालसर्प शांति एवं महामृत्युंजय जप की विधि द्वारा वैदिक समाधान सम्पन्न कराया गया। परिणाम: जीवन में ठहराव आया, करियर में स्थिरता मिली और अज्ञात भय से पूर्ण मुक्ति मिली। समीक्षा: "शास्त्रों के गहन ज्ञान के साथ जिस सहजता से पंडित जी ने दोष का निवारण कराया, उससे मेरा आत्मविश्वास पूरी तरह लौट आया।""

— दीपक पांडेय (इन्वेस्टमेंट बैंकर, मुंबई)
श्रीमती सुनीता देवी (रायगढ़)

"परामर्श सेवा: ग्रह अनुकूलन हेतु रत्न निर्धारण समस्या: गलत रत्न पहनने से स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट और रक्तचाप की समस्या। समाधान: लग्न कुण्डली के अनुसार मारक ग्रहों के रत्नों को तत्काल उतरवाया गया और अनुकूल कारक ग्रह हेतु सही धातु व विधिपूर्वक सिद्ध रत्न धारण कराया। परिणाम: स्वास्थ्य स्थिर हुआ और मानसिक तनाव में उल्लेखनीय राहत मिली। समीक्षा: "रत्न केवल फैशन नहीं बल्कि ऊर्जा हैं, यह पंडित जी से बात करके समझ आया। गलत रत्न हटवाकर सही मार्गदर्शन देने के लिए धन्यवाद।""

— श्रीमती सुनीता देवी (रायगढ़)
अमित पटेल (सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पुणे / न्यू जर्सी)

"परामर्श सेवा: द्वादश भाव एवं विदेश योग विश्लेषण समस्या: वीजा और वर्क परमिट बार-बार रिजेक्ट हो रहा था। समाधान: अष्टम और द्वादश भाव के अधिपति ग्रहों का विश्लेषण कर राहु और चंद्रमा के उपाय तथा आवेदन हेतु शुभ नक्षत्र का चयन कराया गया। परिणाम: आवेदन स्वीकार हुआ और स्थायी निवास (PR) की प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण हुई। समीक्षा: "विदेश जाने के सही समय और वीजा फाइलिंग का शुभ मुहूर्त जो पंडित जी ने दिया, उसी से मेरी वर्षों की मेहनत सफल हुई।""

— अमित पटेल (सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पुणे / न्यू जर्सी)
प्रिया एवं विकास वर्मा (नागपुर)

"परामर्श सेवा: पंचम भाव विश्लेषण एवं संतान बाधा निवारण समस्या: विवाह के 7 वर्ष बीत जाने के बाद भी संतान सुख में अनिश्चितता थी। समाधान: दोनों की कुंडलियों में पंचमेश और गुरु ग्रह की स्थिति का अध्ययन कर विशेष तिथि-मुहूर्त व औषधीय/वैदिक शांति कराई गई। परिणाम: एक वर्ष के भीतर संतान प्राप्ति का शुभ समाचार मिला। ग्राहक समीक्षा: "चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ आपके द्वारा बताए गए धार्मिक उपाय और शुभ मुहूर्त ने हमारे जीवन में खुशियां भर दीं। हम सदैव आभारी रहेंगे।""

— प्रिया एवं विकास वर्मा (नागपुर)
डॉ. आलोक मिश्रा (दुर्ग-भिलाई)

"परामर्श सेवा: वैदिक वास्तु परामर्श (बिना तोड़-फोड़) समस्या: नए क्लीनिक और निवास में जाने के बाद से घर में कलह और स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां बढ़ गई थीं। समाधान: नैऋत्य और आग्नेय कोण के ऊर्जा असंतुलन को पहचानकर बिना किसी तोड़-फोड़ के धातु, यंत्र व दिशा संशोधन कराया गया। परिणाम: घर का वातावरण शांत हुआ और क्लीनिक में मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई। समीक्षा: "बिना किसी तोड़-फोड़ के केवल ऊर्जा संतुलन के माध्यम से घर में इतनी सकारात्मकता आ जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है।""

— डॉ. आलोक मिश्रा (दुर्ग-भिलाई)
सौरभ शर्मा (सिविल सेवा अभ्यर्थी, दिल्ली)

"परामर्श सेवा: करियर ज्योतिष एवं सूर्य-बृहस्पति योग विचार समस्या: प्रतियोगी परीक्षाओं में 3 बार अंतिम चयन सूची से बाहर हो रहे थे और मानसिक अवसाद था। समाधान: पत्रिका में दशमेश व एकादशेश की स्थिति देखकर उपयुक्त परीक्षा वर्ग, उचित दिशा और आदित्य हृदय स्तोत्र के विशेष संकल्प का सुझाव दिया गया। परिणाम: राज्य सेवा परीक्षा में प्रथम प्रयास में ही प्रशासनिक पद पर चयन हुआ। समीक्षा: "पंडित जी ने सटीक समय बताया था कि किस वर्ष और किस परीक्षा में सफलता मिलेगी। उनकी गणना अक्षरशः सत्य सिद्ध हुई।""

— सौरभ शर्मा (सिविल सेवा अभ्यर्थी, दिल्ली)
राजेश अग्रवाल (उद्योगपति, बिलासपुर)

"परामर्श सेवा: व्यापारिक ज्योतिष एवं दशम भाव विश्लेषण समस्या: नए वेंचर में लगातार घाटा हो रहा था और नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) बाधित था। समाधान: जन्म पत्रिका में राहु की अंतर्दशा और बुध के बल का परीक्षण कर व्यावसायिक नाम व दिशा संबंधी संशोधन और अनुष्ठान कराए गए। परिणाम: 3 माह में व्यापार में अप्रत्याशित सुधार हुआ और नए अनुबंध प्राप्त हुए। समीक्षा: "व्यापार में जब सब रास्ते बंद लग रहे थे, तब आपके मार्गदर्शन ने नई दिशा दी। आपके सुझाए उपाय व्यावहारिक और बेहद प्रभावशाली हैं।""

— राजेश अग्रवाल (उद्योगपति, बिलासपुर)

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