कर्मबीज

by | Dec 5, 2021 | 1 comment

कर्मबीज

मैं रहूं या ना
तुम चलो खुद से
पथ मिलेगा।

नैपथ्य जो है
अंधेरे में तो भी क्या
लव साथ है

अहर्निश तू
जला बूझा सो क्योंकि
तू करूणा है

नवसृजन
ही है लक्ष्य तुम्हारा
स्वयं में सृज

साख बनेंगे
सदीयों तक छोड़
कर्म के बीज

Written By Chhatradhar Sharma

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Comments

1 Comment

  1. Shobha Upadhyay

    Very nice Sir

    Reply

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