२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें
सूद् (षूदँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0025
धात्वर्थ: क्षरणे — टपकना, झरना, मार डालना, मारने की कोशिश करना (to trickle, to leak, to ooze out, to distill, to emerge drop by drop)
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूदते
सूदेते
सूदन्ते
मध्यम
सूदसे
सूदेथे
सूदध्वे
उत्तम
सूदे
सूदावहे
सूदामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूदताम्
सूदेताम्
सूदन्ताम्
मध्यम
सूदस्व
सूदेथाम्
सूदध्वम्
उत्तम
सूदै
सूदावहै
सूदामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
असूदत
असूदेताम्
असूदन्त
मध्यम
असूदथाः
असूदेथाम्
असूदध्वम्
उत्तम
असूदे
असूदावहि
असूदामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूदेत
सूदेयाताम्
सूदेरन्
मध्यम
सूदेथाः
सूदेयाथाम्
सूदेध्वम्
उत्तम
सूदेय
सूदेवहि
सूदेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूदिष्यते
सूदिष्येते
सूदिष्यन्ते
मध्यम
सूदिष्यसे
सूदिष्येथे
सूदिष्यध्वे
उत्तम
सूदिष्ये
सूदिष्यावहे
सूदिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूदिता
सूदितारौ
सूदितारः
मध्यम
सूदितासे
सूदितासाथे
सूदिताध्वे
उत्तम
सूदिताहे
सूदितास्वहे
सूदितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सुषूदे
सुषूदाते
सुषूदिरे
मध्यम
सुषूदिषे
सुषूदाथे
सुषूदिध्वे
उत्तम
सुषूदे
सुषूदिवहे
सुषूदिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
असूदिष्ट
असूदिषाताम्
असूदिषत
मध्यम
असूदिष्ठाः
असूदिषाथाम्
असूदिध्वम्
उत्तम
असूदिषि
असूदिष्वहि
असूदिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूदिषीष्ट
सूदिषीयास्ताम्
सूदिषीरन्
मध्यम
सूदिषीष्ठाः
सूदिषीयास्थाम्
सूदिषीध्वम्
उत्तम
सूदिषीय
सूदिषीवहि
सूदिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
असूदिष्यत
असूदिष्येताम्
असूदिष्यन्त
मध्यम
असूदिष्यथाः
असूदिष्येथाम्
असूदिष्यध्वम्
उत्तम
असूदिष्ये
असूदिष्यावहि
असूदिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूद्यते
सूद्येते
सूद्यन्ते
मध्यम
सूद्यसे
सूद्येथे
सूद्यध्वे
उत्तम
सूद्ये
सूद्यावहे
सूद्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूद्यताम्
सूद्येताम्
सूद्यन्ताम्
मध्यम
सूद्यस्व
सूद्येथाम्
सूद्यध्वम्
उत्तम
सूद्यै
सूद्यावहै
सूद्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
असूद्यत
असूद्येताम्
असूद्यन्त
मध्यम
असूद्यथाः
असूद्येथाम्
असूद्यध्वम्
उत्तम
असूद्ये
असूद्यावहि
असूद्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूद्येत
सूद्येयाताम्
सूद्येरन्
मध्यम
सूद्येथाः
सूद्येयाथाम्
सूद्येध्वम्
उत्तम
सूद्येय
सूद्येवहि
सूद्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
सूदिष्यते
सूदिष्येते
सूदिष्यन्ते
मध्यम
सूदिष्यसे
सूदिष्येथे
सूदिष्यध्वे
उत्तम
सूदिष्ये
सूदिष्यावहे
सूदिष्यामहे
प्रत्यय
प्रयोग / अर्थ
प्रातिपदिक / अव्यय
पुंलिङ्ग
स्त्रीलिङ्ग
नपुंसकलिङ्ग
ल्युट्
भाववाचक/करणवाचक कृदन्त
सूदन
—
—
सूदनम्
ण्वुल्
कर्तृवाचक कृदन्त
सूदक
सूदकः
सूदिका
सूदकम्
तृच्
कर्तृवाचक कृदन्त
सूदितृ
सूदिता
सूदित्री
सूदितृ
ण्यत्
विध्यर्थक कृदन्त
सूद्य
सूद्यः
सूद्या
सूद्यम्
तव्य
विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए)
सूदितव्य
सूदितव्यः
सूदितव्या
सूदितव्यम्
अनीयर्
विध्यर्थक कृदन्त
सूदनीय
सूदनीयः
सूदनीया
सूदनीयम्
क्त
भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा)
सूदित
सूदितः
सूदिता
सूदितम्
क्तवतु
भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा)
सूदितवत्
सूदितवान्
सूदितवती
सूदितवत् / सूदितवद्
शानच्
वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद)
सूदमान
सूदमानः
सूदमाना
सूदमानम्
क्त्वा
पूर्वकालिक अव्यय (करके)
सूदित्वा
—
—
—
ल्यप्
पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके)
प्रसूद्य
—
—
—
तुमुन्
निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए)
सूदितुम्
—
—
—
णमुल्
पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय
सूदम्
—
—
—
घञ्
भाववाचक कृदन्त
सूद
सूदः
—
—
क्तिन्
भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त
सूत्ति
—
सूत्तिः
—
क्वसु
भूतकालिक (लिट्) कृदन्त
सुषूद्वस्
सुषूद्वान्
सुषूदुषी
सुषूद्वत् / सुषूद्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।
ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।