२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
कब् (कबृँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0440
धात्वर्थ: वर्णे — प्रशंसा करना, स्तुति करना, रंग देना, रंगना (to praise, to color, to paint)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कबते कबेते कबन्ते मध्यम कबसे कबेथे कबध्वे उत्तम कबे कबावहे कबामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कबताम् कबेताम् कबन्ताम् मध्यम कबस्व कबेथाम् कबध्वम् उत्तम कबै कबावहै कबामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकबत अकबेताम् अकबन्त मध्यम अकबथाः अकबेथाम् अकबध्वम् उत्तम अकबे अकबावहि अकबामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कबेत कबेयाताम् कबेरन् मध्यम कबेथाः कबेयाथाम् कबेध्वम् उत्तम कबेय कबेवहि कबेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कबिष्यते कबिष्येते कबिष्यन्ते मध्यम कबिष्यसे कबिष्येथे कबिष्यध्वे उत्तम कबिष्ये कबिष्यावहे कबिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कबिता कबितारौ कबितारः मध्यम कबितासे कबितासाथे कबिताध्वे उत्तम कबिताहे कबितास्वहे कबितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चकबे चकबाते चकबिरे मध्यम चकबिषे चकबाथे चकबिध्वे उत्तम चकबे चकबिवहे चकबिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकबिष्ट अकबिषाताम् अकबिषत मध्यम अकबिष्ठाः अकबिषाथाम् अकबिध्वम् उत्तम अकबिषि अकबिष्वहि अकबिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कबिषीष्ट कबिषीयास्ताम् कबिषीरन् मध्यम कबिषीष्ठाः कबिषीयास्थाम् कबिषीध्वम् उत्तम कबिषीय कबिषीवहि कबिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकबिष्यत अकबिष्येताम् अकबिष्यन्त मध्यम अकबिष्यथाः अकबिष्येथाम् अकबिष्यध्वम् उत्तम अकबिष्ये अकबिष्यावहि अकबिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कब्यते कब्येते कब्यन्ते मध्यम कब्यसे कब्येथे कब्यध्वे उत्तम कब्ये कब्यावहे कब्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कब्यताम् कब्येताम् कब्यन्ताम् मध्यम कब्यस्व कब्येथाम् कब्यध्वम् उत्तम कब्यै कब्यावहै कब्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकब्यत अकब्येताम् अकब्यन्त मध्यम अकब्यथाः अकब्येथाम् अकब्यध्वम् उत्तम अकब्ये अकब्यावहि अकब्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कब्येत कब्येयाताम् कब्येरन् मध्यम कब्येथाः कब्येयाथाम् कब्येध्वम् उत्तम कब्येय कब्येवहि कब्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कबिष्यते कबिष्येते कबिष्यन्ते मध्यम कबिष्यसे कबिष्येथे कबिष्यध्वे उत्तम कबिष्ये कबिष्यावहे कबिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त कबन — — कबनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त काबक काबकः काबिका काबकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त कबितृ कबिता कबित्री कबितृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त कब्य कब्यः कब्या कब्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) कबितव्य कबितव्यः कबितव्या कबितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त कबनीय कबनीयः कबनीया कबनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) कबित कबितः कबिता कबितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) कबितवत् कबितवान् कबितवती कबितवत् / कबितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) कबमान कबमानः कबमाना कबमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) कबित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकब्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) कबितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय काबम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त काब काबः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त कप्ति — कप्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चकब्वस् चकब्वान् चकबुषी चकब्वत् / चकब्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।