🕉️ 26 September 2026, Saturday · 03:57:37 AM · CDSHARMA.IN

🕐 द्विघड़िया-मुहूर्त

नारद-संहिता, मुहूर्तचिन्तामणि व हेमाद्रि के अनुसार — Ujjain हेतु आज के 30 शास्त्रीय-मुहूर्त

अभी चल रहा है

🟢 सावित्र

03:53 AM - 04:41 AM

शुभ।

☀️ दिन के 15 मुहूर्त

1. रुद्र (रौद्र)

अशुभ (क्रूर)। शांतिकर्म वर्जित। केवल शल्यक्रिया, विष/शस्त्र-प्रयोग, आसुरी-कार्य हेतु उपयुक्त।

06:17 AM - 07:05 AM
2. श्वेत (आहिक)

शुभ। मैत्री, शांति-पाठ, विद्यारम्भ, गृहप्रवेश व सौम्य-कार्य।

07:05 AM - 07:53 AM
3. मित्र

शुभ। नवीन-अनुबंध, कृषि, व्यापार, पदभार व मित्रों से मिलन।

07:53 AM - 08:42 AM
4. सारभट (पितृ)

अशुभ। मांगलिक-कार्य वर्जित; श्राद्ध, तर्पण व पितृकर्म हेतु उत्तम।

08:42 AM - 09:30 AM
5. सावित्र

शुभ। यज्ञ, वेदारम्भ, शिल्पकर्म, क्रय-विक्रय व व्यापारिक-यात्रा।

09:30 AM - 10:18 AM
6. वैराज (वाराह) ⚠️ राहुकाल-दूषित

शुभ। नींव रखना, स्थायी-निर्माण, वृक्षारोपण व राज्याभिषेक।

10:18 AM - 11:06 AM
7. विश्वावसु ⚠️ राहुकाल-दूषित

शुभ। समस्त लौकिक व पारलौकिक धार्मिक-अनुष्ठान, प्रतिष्ठा।

11:06 AM - 11:55 AM
8. अभिजित (विधि) ⚠️ राहुकाल-दूषित

सर्वोत्तम (महाशुभ)। समस्त-दोषों का शमन करने वाला, दिग्विजय-प्रदायक।

11:55 AM - 12:43 PM
9. रौहिण

शुभ। ललित-कला, संगीत, आभूषण-निर्माण, वस्त्र-परिधान।

12:43 PM - 01:31 PM
10. बल

शुभ। पराक्रम, प्रशासनिक-कार्य, खेलकूद, पदभार-ग्रहण।

01:31 PM - 02:19 PM
11. विजय

अति-शुभ। यात्रा, युद्ध, मुकदमा, वाद-विवाद में विजय, नवीन-प्रतिष्ठान।

02:19 PM - 03:07 PM
12. नैर्ऋत

अत्यंत-अशुभ। कलह, संताप, विपत्ति-कारक; शुभ-कर्म सर्वथा वर्जित।

03:07 PM - 03:56 PM
13. वारुण

शुभ। कूप-तड़ाग-खनन, जल-संबंधी कार्य, औषधि-निर्माण व सेवन।

03:56 PM - 04:44 PM
14. सौम्य

शुभ। विवाह, गर्भाधान, पुंसवन, नवीन-आभूषण, यात्रा।

04:44 PM - 05:32 PM
15. भग

अशुभ। दिन का संधिकाल (अवसान); आलस्य, संताप व हानि-कारक।

05:32 PM - 06:20 PM

🌙 रात्रि के 15 मुहूर्त

1. शिव

शुभ।

06:20 PM - 07:08 PM
2. अजैकपात्

मध्यम।

07:08 PM - 07:56 PM
3. अहिर्बुध्न्य

शुभ।

07:56 PM - 08:43 PM
4. पूषा

शुभ।

08:43 PM - 09:31 PM
5. मरुत्वान्

शुभ।

09:31 PM - 10:19 PM
6. गान्धर्व

शुभ।

10:19 PM - 11:07 PM
7. वैश्वदेव

शुभ।

11:07 PM - 11:54 PM
8. वरुण/महानिशीथ

अति-गुह्य/साधना हेतु शुभ। रात्रि के ठीक मध्य का समय — तांत्रिक-साधना, बगलामुखी/काली-अनुष्ठान, महाशिवरात्रि-पूजन व कालसर्प-शांति हेतु साक्षात्-सिद्धिदायक; किंतु गृहस्थ-मांगलिक-कार्यों हेतु निषिद्ध।

11:54 PM - 12:42 AM
9. ऐन्द्र

शुभ।

12:42 AM - 01:30 AM
10. त्वाष्ट्र

शुभ।

01:30 AM - 02:18 AM
11. वैराज

शुभ।

02:18 AM - 03:06 AM
12. शम्भु

शुभ।

03:06 AM - 03:53 AM
13. सावित्र

शुभ।

03:53 AM - 04:41 AM
14. ब्रह्म मुहूर्त

परम-सात्विक/अति-शुभ। सूर्योदय से ठीक 2 मुहूर्त (96 मिनट) पूर्व प्रारंभ, 1 मुहूर्त (48 मिनट) तक रहता है। मेधा-शक्ति, योग, प्राणायाम, ब्रह्म-चिंतन व अध्ययन हेतु अमृततुल्य।

04:41 AM - 05:29 AM
15. समुद्र/उषाकाल

शुभ।

05:29 AM - 06:17 AM

ⓘ अभिजित मुहूर्त में दक्षिण-दिशा की यात्रा वर्जित मानी जाती है। बुधवार का अभिजित निष्फल माना जाता है। राहुकाल से दूषित मुहूर्त में शुभ-कार्य टालना उचित है।

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