📿 श्रीमद्भागवतमहापुराण
महर्षि वेदव्यास प्रणीत · मूल श्लोक, अन्वय, सरल हिन्दी अनुवाद एवं भावार्थ
१२ स्कन्ध · ३३५ अध्याय · १४,०९९ मूल श्लोक · अन्वय/अनुवाद/भावार्थ अभी ४७७५ श्लोकों पर (क्रमशः बढ़ रहा है)
🌟 प्रसिद्ध प्रसङ्ग व स्तुतियाँ
✓ = अन्वय, अनुवाद व भावार्थ सहित
📚 द्वादश स्कन्ध
१९ अध्याय१. प्रथम स्कन्धअधिकार — भागवत-परिचय, परीक्षित्-जन्म८०९ श्लोक · ८०९ व्याख्या सहित
१० अध्याय२. द्वितीय स्कन्धसाधन — सृष्टि-वर्णन, चतुःश्लोकी३९१ श्लोक · ३९१ व्याख्या सहित
३३ अध्याय३. तृतीय स्कन्धसर्ग — विदुर-मैत्रेय, कपिल-गीता१४१० श्लोक · १४१० व्याख्या सहित
३१ अध्याय४. चतुर्थ स्कन्धविसर्ग — ध्रुव, पृथु, पुरञ्जन१४४५ श्लोक · १४४५ व्याख्या सहित
२६ अध्याय५. पञ्चम स्कन्धस्थान — प्रियव्रत, ऋषभदेव, जडभरत६६८ श्लोक · ६६८ व्याख्या सहित
१९ अध्याय६. षष्ठ स्कन्धपोषण — अजामिल, वृत्रासुर८५० श्लोक
१५ अध्याय७. सप्तम स्कन्धऊति — प्रह्लाद-चरित्र, वर्णाश्रम-धर्म७५० श्लोक
२४ अध्याय८. अष्टम स्कन्धमन्वन्तर — गजेन्द्र-मोक्ष, समुद्र-मन्थन, वामन९३१ श्लोक · ३३ व्याख्या सहित
२४ अध्याय९. नवम स्कन्धईशानुकथा — सूर्य-चन्द्रवंश, श्रीराम-कथा९६५ श्लोक
९० अध्याय१०. दशम स्कन्धनिरोध — श्रीकृष्ण-लीला, रास, गोपी-गीत३९४६ श्लोक · १९ व्याख्या सहित
३१ अध्याय११. एकादश स्कन्धमुक्ति — उद्धव-गीता, यदुवंश-उपसंहार१३६७ श्लोक
१३ अध्याय१२. द्वादश स्कन्धआश्रय — कलियुग, परीक्षित्-मोक्ष, उपसंहार५६७ श्लोक
ⓘ मूल श्लोक प्रचलित (गोरखपुर) पाठ-क्रमांक के अनुसार हैं। अन्वय, हिन्दी अनुवाद व भावार्थ इस साइट द्वारा सरल भाषा में तैयार किए जा रहे हैं और अध्याय-दर-अध्याय जोड़े जा रहे हैं।