मानसून-आगमन का संहिता-ज्योतिष-संकेत
🌧️ इस-वर्ष का आर्द्रा-प्रवेश
आर्द्रा को वर्षा-ऋतु का प्रवेश-द्वार कहा जाता है — नवतपा के मेघगर्भ-सिद्धांत में यह प्रथम-नक्षत्र है, जिसका गर्भ रोहिणी-नवतपा के प्रथम-दिन ही पकता है। पारंपरिक-मान्यता: सूर्य के आर्द्रा-प्रवेश के दिन यदि प्रचंड-धूप व उष्ण-पछुआ-हवा बहे, तो जब सूर्य वस्तुतः आर्द्रा-नक्षत्र में गोचर करेंगे (आषाढ़-मास में), तब मानसून समय पर व मूसलाधार-रूप में आएगा।
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ⓘ यह गणना साइट के अपने सूर्य-गणना-सूत्र से निकाली गई है — यह पारंपरिक-संहिता-ज्योतिष का सामान्य-संकेत है, वैज्ञानिक-मौसम-पूर्वानुमान नहीं।