✍️ CD Sharma · 📅 17 Aug 2026 · 🏷️ Prashna Kundli, प्रश्न कुण्डली
लेखक: पं. छत्रधर शर्मा वेबसाइट: CDSHARMA.IN
वैदिक एवं के.पी. ज्योतिष में प्रश्न कुण्डली (Horary Astrology) का एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। कई बार जातक के पास अपनी सटीक जन्म तिथि, जन्म समय या जन्म स्थान की जानकारी नहीं होती। ऐसे समय में जब मन में कोई अति-महत्वपूर्ण प्रश्न या दुविधा उठे, तो प्रश्न पूछे जाने के ठीक क्षण की कुण्डली बनाकर सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है।
आज के इस लेख में हम द्विपक्षीय मामलों (जैसे—कोर्ट केस, बिजनेस डील, प्रतियोगिता या किसी भी समझौते) में सफलता-विफलता का निर्णय करने वाले मूलभूत नियमों को विस्तार से समझेंगे।
जब भी कोई दो पक्षों से जुड़ा प्रश्न पूछा जाता है, तब मुख्य रूप से तीन भावों (Houses) का विश्लेषण किया जाता है:
के.पी. ज्योतिष के अनुसार, प्रश्न के क्षण आकाश में क्रियाशील शासक ग्रह (RPs) अंतिम निर्णय देने में दिशा-निर्देशक का काम करते हैं। इसमें मुख्य रूप से ५ घटक शामिल होते हैं:
गोल्डन रूल: यदि रूलिंग प्लैनेट्स में प्रश्नकर्ता का लग्नेश और ११वें भाव का संबंध बनता है, तो उत्तर निश्चित रूप से "हाँ / सफलता" में होता है।
प्रश्न: "क्या मुझे मेरे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ चल रहे कोर्ट केस / बिजनेस डील में सफलता मिलेगी?"
प्रश्न कुण्डली का नियम अत्यंत सटीक और वैज्ञानिक है। यदि आपका लग्न बलवान है, सप्तम भाव कमजोर है और ११वें भाव का संबंध आपके लग्न से बन रहा है—तो विजय और सफलता निश्चित रूप से आपकी ही होगी।
सादर एवं सस्नेह,
पं. छत्रधर शर्मा
ज्योतिष एवं अध्यात्म परामर्श
CDSHARMA.IN
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