🕉️ 18 August 2026, Tuesday · 05:09:40 PM · CDSHARMA.IN

रुद्राभिषेक विशेष: किस द्रव्य (रस) से अभिषेक करने पर क्या फल मिलता है?

✍️ CD Sharma · 📅 17 Aug 2026 · 🏷️ रूद्राभिषेक, द्रव्य

रुद्राभिषेक विशेष: किस द्रव्य (रस) से अभिषेक करने पर क्या फल मिलता है?

भगवान शिव अत्यंत दयालु और आशुतोष हैं। शिवपुराण एवं शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग पर विभिन्न पवित्र द्रव्यों व रसों से अभिषेक करने पर जीवन की समस्त बाधाओं का निवारण होता है और मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं।

🌿 29 दिव्य अभिषेक द्रव्य एवं उनके चमत्कारी फल:

  1. गाय का दूध – मन को शांत और एकाग्र करता है।
  2. गंगाजल – विचारों को पवित्र और निर्मल बनाता है।
  3. शहद – पारिवारिक संबंधों और दांपत्य जीवन में मिठास लाता है।
  4. सफेद चंदन – जीवन में शांति, शीतलता और स्थिरता लाता है।
  5. मिश्री जल – जीवन में खुशी और अपार आनंद प्रदान करता है।
  6. अनार का रस – साहस, पराक्रम और आत्मिक जीवन शक्ति प्रदान करता है।
  7. देसी घी – शारीरिक शक्ति, तेज और आरोग्य का निर्माण करता है।
  8. लाल चंदन – विजय, पराक्रम और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
  9. गुड़ का रस / गुड़ जल – क्रोध को शांत करता है एवं नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
  10. गन्ने का रस – धन, वैभव और व्यापार-व्यवसाय में निरंतर वृद्धि करता है।
  11. दूर्वा रस – बुद्धि, विवेक और स्मरण शक्ति में वृद्धि करता है।
  12. हरी इलायची का जल – करियर व जीवन में नए अवसरों के मार्ग खोलता है।
  13. केसर पानी – ज्ञान, मान-सम्मान और प्रसिद्धि को बढ़ाता है।
  14. हल्दी जल – वैवाहिक आनंद, शीघ्र विवाह और सुख-सौहार्द लाता है।
  15. पीला दूध (हल्दी/केसर) – धन वृद्धि और गुरु व बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद दिलाता है।
  16. शहद और घी का मिश्रण – उत्तम स्वास्थ्य और समग्र शारीरिक कल्याण प्रदान करता है।
  17. दही का पानी – भूमि, भवन, वाहन और सुख-समृद्धि प्रदान करता है।
  18. गुलाब जल – आकर्षण, आंतरिक सुंदरता और मानसिक शांति प्रदान करता है।
  19. इत्र / सुगंधित जल – भौतिक सुख-सुविधाएं और सामाजिक सद्भाव आकर्षित करता है।
  20. नारियल पानी – परिवार में संतुष्टि, सुख और शांति प्रदान करता है।
  21. चावल का पानी (अक्षत जल) – प्रेम संबंध सुधारता है और आर्थिक बाधाओं को दूर करता है।
  22. काले तिल का जल – पुराने व गंभीर कर्ज (ऋण) से मुक्ति दिलाता है।
  23. सरसों का तेल – शत्रु बाधा और गंभीर बीमारियों का नाश करता है।
  24. शमी पत्ते का रस – लंबे समय से चल रही पुरानी बाधाओं का निवारण करता है।
  25. भस्म जल – आध्यात्मिक उन्नति और भव-बंधन से मुक्ति प्रदान करता है।
  26. बेलपत्र का रस – उच्च सामाजिक पद, प्रतिष्ठा और सम्मान दिलाता है।
  27. केसर युक्त दूध – गंभीर रोगों से मुक्ति और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करता है।
  28. जौ का रस / जौ जल – वंश वृद्धि, कुल में शांति और निरंतर विकास लाता है।
  29. गंगाजल / तीर्थ जल – सभी प्रकार के कष्टों को दूर कर मोक्ष प्रदान करता है।
💡 विशेष नियम: रुद्राभिषेक या शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय मन में निरंतर "ॐ नमः शिवाय" अथवा "श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्" मंत्र का जप अवश्य करें।

🌐 अधिक आध्यात्मिक जानकारियों व सनातन ज्ञान के लिए जुड़े रहें: CDSHARMA.IN 📌 इस कल्याणकारी जानकारी को अपने मित्रों व परिवारजनों के साथ अवश्य साझा करें।

💬 कमेंट (0)

9 - 4 = ?

अभी कोई कमेंट नहीं — सबसे पहले आप लिखें!

📚 संबंधित लेख

← सभी लेख देखें