🕉️ 29 October 2026, Thursday · 03:03:19 PM · CDSHARMA.IN

📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

कवि (पुंलिङ्ग)

सर्वज्ञ

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाकविःकवीकवयः
द्वितीयाकविम्कवीकवीन्
तृतीयाकविनाकविभ्याम्कविभिः
चतुर्थीकवयेकविभ्याम्कविभ्यः
पञ्चमीकवेःकविभ्याम्कविभ्यः
षष्ठीकवेःकव्योःकवीनाम्
सप्तमीकवौकव्योःकविषु
सम्बोधनहे कवेहे कवीहे कवयः

अर्थ: सर्वज्ञ
संस्कृत: पर्याय: शुक्र, दैत्यगुरु, काव्य, उशनस्, भार्गव

📚 अमरकोश में:
• शुक्र के नाम (१.३.२७) — पर्याय: शुक्र, दैत्यगुरु, काव्य, उशना, भार्गव
• विद्वान् के नाम (२.७.५) — पर्याय: विद्वान्, विपश्चित्, दोषज्ञ, सत्, सुधी, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, ज्ञ

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

कवि (स्त्रीलिङ्ग)

सर्वज्ञ

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाकविःकवीकवयः
द्वितीयाकविम्कवीकवीः
तृतीयाकव्याकविभ्याम्कविभिः
चतुर्थीकवये / कव्यैकविभ्याम्कविभ्यः
पञ्चमीकवेः / कव्याःकविभ्याम्कविभ्यः
षष्ठीकवेः / कव्याःकव्योःकवीनाम्
सप्तमीकवौ / कव्याम्कव्योःकविषु
सम्बोधनहे कवेहे कवीहे कवयः

अर्थ: सर्वज्ञ
संस्कृत: पर्याय: शुक्र, दैत्यगुरु, काव्य, उशनस्, भार्गव

📚 अमरकोश में:
• शुक्र के नाम (१.३.२७) — पर्याय: शुक्र, दैत्यगुरु, काव्य, उशना, भार्गव
• विद्वान् के नाम (२.७.५) — पर्याय: विद्वान्, विपश्चित्, दोषज्ञ, सत्, सुधी, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, ज्ञ

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

कवि (नपुंसकलिङ्ग)

सर्वज्ञ

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाकविकविनीकवीनि
द्वितीयाकविकविनीकवीनि
तृतीयाकविनाकविभ्याम्कविभिः
चतुर्थीकविने / कवयेकविभ्याम्कविभ्यः
पञ्चमीकविनः / कवेःकविभ्याम्कविभ्यः
षष्ठीकविनः / कवेःकविनोः / कव्योःकवीनाम्
सप्तमीकविनि / कवौकविनोः / कव्योःकविषु
सम्बोधनहे कवि / हे कवेहे कविनीहे कवीनि

अर्थ: सर्वज्ञ
संस्कृत: पर्याय: शुक्र, दैत्यगुरु, काव्य, उशनस्, भार्गव

📚 अमरकोश में:
• शुक्र के नाम (१.३.२७) — पर्याय: शुक्र, दैत्यगुरु, काव्य, उशना, भार्गव
• विद्वान् के नाम (२.७.५) — पर्याय: विद्वान्, विपश्चित्, दोषज्ञ, सत्, सुधी, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, ज्ञ

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें