॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | अण्टते | अण्टेते | अण्टन्ते |
| मध्यम | अण्टसे | अण्टेथे | अण्टध्वे |
| उत्तम | अण्टे | अण्टावहे | अण्टामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): अण्टते · लिट् (आत्मने.): आनण्टे · लुट् (आत्मने.): अण्टिता · लृट् (आत्मने.): अण्टिष्यते · लोट् (आत्मने.): अण्टताम् · लङ् (आत्मने.): आण्टत · विधिलिङ् (आत्मने.): अण्टेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): अण्टिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): आण्टिष्ट · लृङ् (आत्मने.): आण्टिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अण्टन · ण्वुल्: अण्टकः · तृच्: अण्टिता · ण्यत्: अण्ट्यः · तव्य: अण्टितव्यः · अनीयर्: अण्टनीयः · क्त: अण्टितः · क्तवतु: अण्टितवान् · शानच्: अण्टमानः · क्त्वा: अण्टित्वा · ल्यप्: प्राण्ट्य · तुमुन्: अण्टितुम् · णमुल्: अण्टम् · घञ्: अण्टः · क्तिन्: अण्टि · क्वसु: आनण्टिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| अण्टते | अण्ट् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: अण्टता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अण्ट् + घञ् · तद्धित: अण्ट + तल् (भाववाचक) | अण्टता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: अण्ट् + घञ् · तद्धित: अण्ट + तल् (भाववाचक) |
अण्टते ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड