॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सींचना, गीला करना
संस्कृत: सेचने
अंग्रेज़ी: to sprinkle,to wet
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | उक्षति | उक्षतः | उक्षन्ति |
| मध्यम | उक्षसि | उक्षथः | उक्षथ |
| उत्तम | उक्षामि | उक्षावः | उक्षामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: उक्षति · लिट्: उक्षाञ्चकार · लुट्: उक्षिता · लृट्: उक्षिष्यति · लोट्: उक्षतात् · लङ्: औक्षत् · विधिलिङ्: उक्षेत् · आशीर्लिङ्: उक्ष्यात् · लुङ्: औक्षीत् · लृङ्: औक्षिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: उक्षण · ण्वुल्: उक्षकः · तृच्: उक्षिता · ण्यत्: उक्ष्यः · तव्य: उक्षितव्यः · अनीयर्: उक्षणीयः · क्त: उक्षितः · क्तवतु: उक्षितवान् · शतृ: उक्षन् · स्य-शतृ: उक्षिष्यन् · क्त्वा: उक्षित्वा · ल्यप्: प्रोक्ष्य · तुमुन्: उक्षितुम् · णमुल्: उक्षम् · घञ्: उक्षः · क्तिन्: उष्टि · क्वसु: उक्षाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| उक्षति | उक्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: उक्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उक्ष् + शतृ | उक्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उक्ष् + शतृ |
उक्षति ➤ सींचना, गीला करना
संस्कृत: सेचने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड