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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

उक्षति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

उक्षति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

उक्षति

अर्थ: सींचना, गीला करना

संस्कृत: सेचने

अंग्रेज़ी: to sprinkle,to wet

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. उक्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. उक्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उक्ष् + शतृ
  3. उक्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उक्ष् + शतृ
  4. उक्षता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उक्ष् + घञ् · तद्धित: उक्ष + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — उक्ष् (भ्वादिगण) · अर्थ: सींचना, गीला करना (सेचने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमउक्षतिउक्षतःउक्षन्ति
मध्यमउक्षसिउक्षथःउक्षथ
उत्तमउक्षामिउक्षावःउक्षामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: उक्षति · लिट्: उक्षाञ्चकार · लुट्: उक्षिता · लृट्: उक्षिष्यति · लोट्: उक्षतात् · लङ्: औक्षत् · विधिलिङ्: उक्षेत् · आशीर्लिङ्: उक्ष्यात् · लुङ्: औक्षीत् · लृङ्: औक्षिष्यत्

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: उक्षण · ण्वुल्: उक्षकः · तृच्: उक्षिता · ण्यत्: उक्ष्यः · तव्य: उक्षितव्यः · अनीयर्: उक्षणीयः · क्त: उक्षितः · क्तवतु: उक्षितवान् · शतृ: उक्षन् · स्य-शतृ: उक्षिष्यन् · क्त्वा: उक्षित्वा · ल्यप्: प्रोक्ष्य · तुमुन्: उक्षितुम् · णमुल्: उक्षम् · घञ्: उक्षः · क्तिन्: उष्टि · क्वसु: उक्षाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
उक्षतिउक्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: उक्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उक्ष् + शतृ | उक्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उक्ष् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

उक्षति ➤ सींचना, गीला करना
संस्कृत: सेचने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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