॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: भरना
संस्कृत: पूरणे
अंग्रेज़ी: to fill
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | उम्भति | उम्भतः | उम्भन्ति |
| मध्यम | उम्भसि | उम्भथः | उम्भथ |
| उत्तम | उम्भामि | उम्भावः | उम्भामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: उम्भति · लिट्: उम्भाञ्चकार · लुट्: उम्भिता · लृट्: उम्भिष्यति · लोट्: उम्भतात् · लङ्: औम्भत् · विधिलिङ्: उम्भेत् · आशीर्लिङ्: उभ्यात् · लुङ्: औम्भीत् · लृङ्: औम्भिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: उम्भन · ण्वुल्: उम्भकः · तृच्: उम्भिता · ण्यत्: उम्भ्यः · तव्य: उम्भितव्यः · अनीयर्: उम्भनीयः · क्त: उभितः · क्तवतु: उभितवान् · शतृ: उम्भन् · स्य-शतृ: उम्भिष्यन् · क्त्वा: उम्भित्वा · ल्यप्: प्रोभ्य · तुमुन्: उम्भितुम् · णमुल्: उम्भम् · घञ्: उम्भः · क्तिन्: उब्धि · क्वसु: उम्भाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| उम्भति | उम्भ् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: उम्भत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उम्भ् + शतृ | उम्भत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उम्भ् + शतृ |
उम्भति ➤ भरना
संस्कृत: पूरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड