॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रकाशित होना, कान्तिमान होना
संस्कृत: दीप्तौ
अंग्रेज़ी: to glow, to shine
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | एजते | एजेते | एजन्ते |
| मध्यम | एजसे | एजेथे | एजध्वे |
| उत्तम | एजे | एजावहे | एजामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): एजते · लिट् (आत्मने.): एजाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): एजिता · लृट् (आत्मने.): एजिष्यते · लोट् (आत्मने.): एजताम् · लङ् (आत्मने.): ऐजत · विधिलिङ् (आत्मने.): एजेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): एजिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): ऐजिष्ट · लृङ् (आत्मने.): ऐजिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: एजन · ण्वुल्: एजकः · तृच्: एजिता · ण्यत्: एज्यः · तव्य: एजितव्यः · अनीयर्: एजनीयः · क्त: एजितः · क्तवतु: एजितवान् · शानच्: एजमानः · क्त्वा: एजित्वा · ल्यप्: प्रेज्य · तुमुन्: एजितुम् · णमुल्: एजम् · घञ्: एगः · क्तिन्: एक्ति · क्वसु: एजाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| एजते | एज् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: एजत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: एज् + शतृ | एजत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: एज् + शतृ |
एजते ➤ प्रकाशित होना, कान्तिमान होना
संस्कृत: दीप्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड