॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बढना
संस्कृत: वृद्धौ
अंग्रेज़ी: to grow, to increase, to prosper, to extend, to swell, to rise
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | एधते | एधेते | एधन्ते |
| मध्यम | एधसे | एधेथे | एधध्वे |
| उत्तम | एधे | एधावहे | एधामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): एधते · लिट् (आत्मने.): एधाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): एधिता · लृट् (आत्मने.): एधिष्यते · लोट् (आत्मने.): एधताम् · लङ् (आत्मने.): ऐधत · विधिलिङ् (आत्मने.): एधेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): एधिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): ऐधिष्ट · लृङ् (आत्मने.): ऐधिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: एधन · ण्वुल्: एधकः · तृच्: एधिता · ण्यत्: एध्यः · तव्य: एधितव्यः · अनीयर्: एधनीयः · क्त: एधितः · क्तवतु: एधितवान् · शानच्: एधमानः · क्त्वा: एधित्वा · ल्यप्: प्रैध्य · तुमुन्: एधितुम् · णमुल्: एधम् · घञ्: एधः · क्तिन्: एद्धि · क्वसु: एधाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| एधते | एध् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: एधता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: एध + तल् (भाववाचक) | एधता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: एध + तल् (भाववाचक) |
एधते ➤ बढना
संस्कृत: वृद्धौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड