॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: क्लेश या दुःख देना, हरकत करना, दुःख सहन करना
संस्कृत: विबाधने
अंग्रेज़ी: to torment, to distress, to hurt, to suffer, to misbehave
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | क्लिश्नाति | क्लिश्नीतः | क्लिश्नन्ति |
| मध्यम | क्लिश्नासि | क्लिश्नीथः | क्लिश्नीथ |
| उत्तम | क्लिश्नामि | क्लिश्नीवः | क्लिश्नीमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्लिश्नाति · लिट्: चिक्लेश · लुट्: क्लेशिता · लृट्: क्लेक्ष्यति · लोट्: क्लिश्नातु · लङ्: अक्लिश्नात् · विधिलिङ्: क्लिश्नीयात् · आशीर्लिङ्: क्लिश्यात् · लुङ्: अक्लिक्षत् · लृङ्: अक्लेक्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्लेशन · ण्वुल्: क्लेशकः · तृच्: क्लेष्टा · ण्यत्: क्लेश्यः · तव्य: क्लेष्टव्यः · अनीयर्: क्लेशनीयः · क्त: क्लिशितः · क्तवतु: क्लिशितवान् · शतृ: क्लिश्नन् · स्य-शतृ: क्लेक्ष्यन् · क्त्वा: क्लिशित्वा · ल्यप्: प्रक्लिश्य · तुमुन्: क्लेष्टुम् · णमुल्: क्लेशम् · घञ्: क्लेशः · क्तिन्: क्लिष्टि · क्वसु: चिक्लिश्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| क्लिश्नाति | क्लिश् धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
क्लिश्नाति ➤ क्लेश या दुःख देना, हरकत करना, दुःख सहन करना
संस्कृत: विबाधने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड