॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मथना, क्रोध करना
संस्कृत: सञ्चलने
अंग्रेज़ी: to agitate, to be agitated,to shake,to be disturbed,to tremble
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | क्षुभ्यति | क्षुभ्यतः | क्षुभ्यन्ति |
| मध्यम | क्षुभ्यसि | क्षुभ्यथः | क्षुभ्यथ |
| उत्तम | क्षुभ्यामि | क्षुभ्यावः | क्षुभ्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्षुभ्यति · लिट्: चुक्षोभ · लुट्: क्षोभिता · लृट्: क्षोभिष्यति · लोट्: क्षुभ्यतात् · लङ्: अक्षुभ्यत् · विधिलिङ्: क्षुभ्येत् · आशीर्लिङ्: क्षुभ्यात् · लुङ्: अक्षुभत् · लृङ्: अक्षोभिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्षोभण · ण्वुल्: क्षोभकः · तृच्: क्षोभिता · ण्यत्: क्षोभ्यः · तव्य: क्षोभितव्यः · अनीयर्: क्षोभणीयः · क्त: क्षुभितः · क्तवतु: क्षुभितवान् · शतृ: क्षुभ्यन् · स्य-शतृ: क्षोभिष्यन् · क्त्वा: क्षुभित्वा · ल्यप्: प्रक्षुभ्य · तुमुन्: क्षोभितुम् · णमुल्: क्षोभम् · घञ्: क्षोभः · क्तिन्: क्षुब्धि · क्वसु: चुक्षुभ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| क्षुभ्यति | क्षुभ् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: क्षुभ्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षुभ् + शतृ | क्षुभ्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षुभ् + शतृ |
क्षुभ्यति ➤ मथना, क्रोध करना
संस्कृत: सञ्चलने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड