॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: शब्द करना, मदोन्मत्त होना, वेसुध होना
संस्कृत: शब्दे मदने च
अंग्रेज़ी: to sound, to be intoxicated, to be drunk, to be confused
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गजति | गजतः | गजन्ति |
| मध्यम | गजसि | गजथः | गजथ |
| उत्तम | गजामि | गजावः | गजामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: गजति · लिट्: जगाज · लुट्: गजिता · लृट्: गजिष्यति · लोट्: गजतात् · लङ्: अगजत् · विधिलिङ्: गजेत् · आशीर्लिङ्: गज्यात् · लुङ्: अगजीत् · लृङ्: अगजिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गजन · ण्वुल्: गाजकः · तृच्: गजिता · ण्यत्: गाज्यः · तव्य: गजितव्यः · अनीयर्: गजनीयः · क्त: गजितः · क्तवतु: गजितवान् · शतृ: गजन् · स्य-शतृ: गजिष्यन् · क्त्वा: गजित्वा · ल्यप्: प्रगज्य · तुमुन्: गजितुम् · णमुल्: गाजम् · घञ्: गाजः · क्तिन्: गक्ति · क्वसु: जगज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गजति | गज् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गजत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गज् + शतृ | गजत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गज् + शतृ |
गजति ➤ शब्द करना, मदोन्मत्त होना, वेसुध होना
संस्कृत: शब्दे मदने च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड