॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: संदेह करना, संशय करना
संस्कृत: संशये
अंग्रेज़ी: to doubt
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | चारयति | चारयतः | चारयन्ति |
| मध्यम | चारयसि | चारयथः | चारयथ |
| उत्तम | चारयामि | चारयावः | चारयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: चारयति · लट् (आत्मने.): चारयते · लिट्: चारयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): चारयाञ्चक्रे · लुट्: चारयिता · लुट् (आत्मने.): चारयिता · लृट्: चारयिष्यति · लृट् (आत्मने.): चारयिष्यते · लोट्: चारयतात् · लोट् (आत्मने.): चारयताम् · लङ्: अचारयत् · लङ् (आत्मने.): अचारयत · विधिलिङ्: चारयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): चारयेत · आशीर्लिङ्: चार्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): चारयिषीष्ट · लुङ्: अचीचरत् · लुङ् (आत्मने.): अचीचरत · लृङ्: अचारयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अचारयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चारण · ण्वुल्: चारकः · तृच्: चारयिता · यत्: चार्यः · तव्य: चारयितव्यः · अनीयर्: चारणीयः · क्त: चारितः · क्तवतु: चारितवान् · शतृ: चारयन् · स्य-शतृ: चारयिष्यन् · शानच्: चारयमाणः · क्त्वा: चारयित्वा · ल्यप्: प्रचार्य · तुमुन्: चारयितुम् · णमुल्: चारम् · क्तिन्: चार्ति · क्वसु: चारयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| चारयति | चर् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: चर् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | चर् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
चारयति ➤ संदेह करना, संशय करना
संस्कृत: संशये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड