॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जानना, समझना
संस्कृत: ज्ञाने
अंग्रेज़ी: to know, to understand
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | चिकेति | चिकितः | चिक्यति |
| मध्यम | चिकेषि | चिकिथः | चिकिथ |
| उत्तम | चिकेमि | चिकिवः | चिकिमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: चिकेति · लिट्: चिकाय · लुट्: केता · लृट्: केष्यति · लोट्: चिकितात् · लङ्: अचिकेत् · विधिलिङ्: चिकियात् · आशीर्लिङ्: कीयात् · लुङ्: अकैषीत् · लृङ्: अकेष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कयन · ण्वुल्: कायकः · तृच्: केता · यत्: केयः · तव्य: केतव्यः · अनीयर्: कयनीयः · क्त: कितः · क्तवतु: कितवान् · शतृ: चिक्यत्/चिक्यद् · स्य-शतृ: केष्यन् · क्त्वा: कित्वा · ल्यप्: प्रकित्य · तुमुन्: केतुम् · णमुल्: कायम् · क्तिन्: किति · क्वसु: चिकिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| चिकेति | कि धातु (जुहोत्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
चिकेति ➤ जानना, समझना
संस्कृत: ज्ञाने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड