🕉️ 30 October 2026, Friday · 05:48:24 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

चिन्तति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

चिन्तति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

चिन्तति

अर्थ: चिन्तन करना, स्मरण करना, याद करना, चिन्ता करना

संस्कृत: स्मृत्याम्

अंग्रेज़ी: to contemplate,to think,to discuss,to remember, to worry

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. चिन्त् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. चिन्तत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चिन्त् + शतृ
  3. चिन्तत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चिन्त् + शतृ
  4. चिन्तता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चिन्त् + घञ् · तद्धित: चिन्त + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — चिन्त् (चुरादिगण) · अर्थ: चिन्तन करना, स्मरण करना, याद करना, चिन्ता करना (स्मृत्याम्)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमचिन्तति / चिन्तयतिचिन्ततः / चिन्तयतःचिन्तन्ति / चिन्तयन्ति
मध्यमचिन्तयसि / चिन्तसिचिन्तथः / चिन्तयथःचिन्तथ / चिन्तयथ
उत्तमचिन्तयामि / चिन्तामिचिन्तयावः / चिन्तावःचिन्तयामः / चिन्तामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: चिन्तति · लट् (आत्मने.): चिन्तयते · लिट्: चिचिन्त · लिट् (आत्मने.): चिन्तयाञ्चक्रे · लुट्: चिन्तयिता · लुट् (आत्मने.): चिन्तयिता · लृट्: चिन्तयिष्यति · लृट् (आत्मने.): चिन्तयिष्यते · लोट्: चिन्ततात् · लोट् (आत्मने.): चिन्तयताम् · लङ्: अचिन्तत् · लङ् (आत्मने.): अचिन्तयत · विधिलिङ्: चिन्तयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): चिन्तयेत · आशीर्लिङ्: चिन्त्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): चिन्तयिषीष्ट · लुङ्: अचिचिन्तत् · लुङ् (आत्मने.): अचिचिन्तत · लृङ्: अचिन्तयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अचिन्तयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चिन्तन · ण्वुल्: चिन्तकः · तृच्: चिन्तिता · यत्: चिन्त्यः · ण्यत्: चिन्त्यः · तव्य: चिन्तितव्यः · अनीयर्: चिन्तनीयः · क्त: चिन्तितः · क्तवतु: चिन्तितवान् · शतृ: चिन्तन् · स्य-शतृ: चिन्तिष्यन् · शानच्: चिन्तयमानः · क्त्वा: चिन्तित्वा · ल्यप्: प्रचिन्त्य · तुमुन्: चिन्तितुम् · णमुल्: चिन्तम् · घञ्: चिन्तः · क्तिन्: चिन्ति · क्वसु: चिचिन्त्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
चिन्ततिचिन्त् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: चिन्तत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चिन्त् + शतृ | चिन्तत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चिन्त् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

चिन्तति ➤ चिन्तन करना, स्मरण करना, याद करना, चिन्ता करना
संस्कृत: स्मृत्याम्

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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