॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: युद्ध करना, लड़ाई करना, मारना
संस्कृत: युद्धे
अंग्रेज़ी: to fight, to kill
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जजति | जजतः | जजन्ति |
| मध्यम | जजसि | जजथः | जजथ |
| उत्तम | जजामि | जजावः | जजामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जजति · लिट्: जजाज · लुट्: जजिता · लृट्: जजिष्यति · लोट्: जजतात् · लङ्: अजजत् · विधिलिङ्: जजेत् · आशीर्लिङ्: जज्यात् · लुङ्: अजजीत् · लृङ्: अजजिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: जजन · ण्वुल्: जाजकः · तृच्: जजिता · ण्यत्: जाज्यः · तव्य: जजितव्यः · अनीयर्: जजनीयः · क्त: जजितः · क्तवतु: जजितवान् · शतृ: जजन् · स्य-शतृ: जजिष्यन् · क्त्वा: जजित्वा · ल्यप्: प्रजज्य · तुमुन्: जजितुम् · णमुल्: जाजम् · घञ्: जागः · क्तिन्: जक्ति · क्वसु: जेजिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जजति | जज् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: जजता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: जज + तल् (भाववाचक) | जजत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जज् + शतृ |
जजति ➤ युद्ध करना, लड़ाई करना, मारना
संस्कृत: युद्धे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड