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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

जम्भति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

जम्भति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

जम्भति

अर्थ: नष्ट करना

संस्कृत: नाशने

अंग्रेज़ी: to kill, to destroy

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. जम्भ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. जम्भता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: जम्भ + तल् (भाववाचक)
  3. जम्भत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जम्भ् + शतृ
  4. जम्भत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जम्भ् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — जम्भ् (चुरादिगण) · अर्थ: नष्ट करना (नाशने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमजम्भति / जम्भयतिजम्भतः / जम्भयतःजम्भन्ति / जम्भयन्ति
मध्यमजम्भयसि / जम्भसिजम्भथः / जम्भयथःजम्भथ / जम्भयथ
उत्तमजम्भयामि / जम्भामिजम्भयावः / जम्भावःजम्भयामः / जम्भामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जम्भति · लट् (आत्मने.): जम्भयते · लिट्: जजम्भ · लिट् (आत्मने.): जम्भयाञ्चक्रे · लुट्: जम्भयिता · लुट् (आत्मने.): जम्भयिता · लृट्: जम्भयिष्यति · लृट् (आत्मने.): जम्भयिष्यते · लोट्: जम्भतात् · लोट् (आत्मने.): जम्भयताम् · लङ्: अजम्भत् · लङ् (आत्मने.): अजम्भयत · विधिलिङ्: जम्भयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): जम्भयेत · आशीर्लिङ्: जम्भ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): जम्भयिषीष्ट · लुङ्: अजजम्भत् · लुङ् (आत्मने.): अजजम्भत · लृङ्: अजम्भयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अजम्भयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: जम्भन · ण्वुल्: जम्भकः · तृच्: जम्भिता · यत्: जम्भ्यः · ण्यत्: जम्भ्यः · तव्य: जम्भितव्यः · अनीयर्: जम्भनीयः · क्त: जम्भितः · क्तवतु: जम्भितवान् · शतृ: जम्भन् · स्य-शतृ: जम्भिष्यन् · शानच्: जम्भयमानः · क्त्वा: जम्भित्वा · ल्यप्: प्रजम्भ्य · तुमुन्: जम्भितुम् · णमुल्: जम्भम् · घञ्: जम्भः · क्तिन्: जम्ब्धि · क्वसु: जजम्भ्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
जम्भतिजम्भ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: जम्भता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: जम्भ + तल् (भाववाचक) | जम्भत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जम्भ् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

जम्भति ➤ नष्ट करना
संस्कृत: नाशने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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