॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: आच्छादित करना, परदा डालना
संस्कृत: आवरणे
अंग्रेज़ी: to cover
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तुत्थयति | तुत्थयतः | तुत्थयन्ति |
| मध्यम | तुत्थयसि | तुत्थयथः | तुत्थयथ |
| उत्तम | तुत्थयामि | तुत्थयावः | तुत्थयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तुत्थयति · लट् (आत्मने.): तुत्थयते · लिट्: तुत्थयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): तुत्थयाञ्चक्रे · लुट्: तुत्थयिता · लुट् (आत्मने.): तुत्थयिता · लृट्: तुत्थयिष्यति · लृट् (आत्मने.): तुत्थयिष्यते · लोट्: तुत्थयतात् · लोट् (आत्मने.): तुत्थयताम् · लङ्: अतुत्थयत् · लङ् (आत्मने.): अतुत्थयत · विधिलिङ्: तुत्थयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): तुत्थयेत · आशीर्लिङ्: तुत्थ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): तुत्थयिषीष्ट · लुङ्: अतुतुत्थत् · लुङ् (आत्मने.): अतुतुत्थत · लृङ्: अतुत्थयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अतुत्थयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तुत्थन · ण्वुल्: तुत्थकः · तृच्: तुत्थयिता · यत्: तुत्थ्यः · तव्य: तुत्थयितव्यः · अनीयर्: तुत्थनीयः · क्त: तुत्थितः · क्तवतु: तुत्थितवान् · शतृ: तुत्थयन् · स्य-शतृ: तुत्थयिष्यन् · शानच्: तुत्थयमानः · क्त्वा: तुत्थयित्वा · ल्यप्: प्रतुत्थ्य · तुमुन्: तुत्थयितुम् · णमुल्: तुत्थम् · क्तिन्: तुत्ति · क्वसु: तुत्थयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तुत्थयति | तुत्थ धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: तुत्थ धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | तुत्थयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तुत्थ + शतृ |
तुत्थयति ➤ आच्छादित करना, परदा डालना
संस्कृत: आवरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड