॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जल्दी करना, दुःख देना, सताना
संस्कृत: गतित्वरणहिंसनयोः
अंग्रेज़ी: to hurry, to destroy, to irritate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तूर्यते | तूर्येते | तूर्यन्ते |
| मध्यम | तूर्यसे | तूर्येथे | तूर्यध्वे |
| उत्तम | तूर्ये | तूर्यावहे | तूर्यामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): तूर्यते · लिट् (आत्मने.): तुतूरे · लुट् (आत्मने.): तूरिता · लृट् (आत्मने.): तूरिष्यते · लोट् (आत्मने.): तूर्यताम् · लङ् (आत्मने.): अतूर्यत · विधिलिङ् (आत्मने.): तूर्येत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): तूरिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अतूरिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अतूरिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तूरण · ण्वुल्: तूरकः · तृच्: तूरिता · ण्यत्: तूर्यः · तव्य: तूरितव्यः · अनीयर्: तूरणीयः · क्त: तूर्णः · क्तवतु: तूर्णवान् · शानच्: तूर्यमाणः · क्त्वा: तूरित्वा · ल्यप्: प्रतूर्य · तुमुन्: तूरितुम् · णमुल्: तूरम् · घञ्: तूरः · क्तिन्: तूर्ति · क्वसु: तुतूर्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तूर्यते | तूर् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: तूर् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे | तुर् धातु (जुहोत्यादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे |
तूर्यते ➤ जल्दी करना, दुःख देना, सताना
संस्कृत: गतित्वरणहिंसनयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड