॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: पालन करना, रक्षा करना
संस्कृत: पालने
अंग्रेज़ी: to protect, to secure
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | त्रायते | त्रायेते | त्रायन्ते |
| मध्यम | त्रायसे | त्रायेथे | त्रायध्वे |
| उत्तम | त्राये | त्रायावहे | त्रायामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): त्रायते · लिट् (आत्मने.): तत्रे · लुट् (आत्मने.): त्राता · लृट् (आत्मने.): त्रास्यते · लोट् (आत्मने.): त्रायताम् · लङ् (आत्मने.): अत्रायत · विधिलिङ् (आत्मने.): त्रायेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): त्रासीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अत्रास्त · लृङ् (आत्मने.): अत्रास्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: त्राण · ण्वुल्: त्रायकः · तृच्: त्राता · यत्: त्रेयः · तव्य: त्रातव्यः · अनीयर्: त्राणीयः · क्त: त्रातः · क्तवतु: त्रातवान् · शानच्: त्रायमाणः · क्त्वा: त्रात्वा · ल्यप्: प्रत्राय · तुमुन्: त्रातुम् · णमुल्: त्रायम् · घञ्: त्रायः · क्तिन्: त्राति · क्वसु: तत्रिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| त्रायते | त्रै धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: त्रै धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे | त्रायता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्रै + घञ् · तद्धित: त्राय + तल् (भाववाचक) |
त्रायते ➤ पालन करना, रक्षा करना
संस्कृत: पालने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड