॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सम्बन्ध लगाना, सन्दर्भ लगाना, डरना
संस्कृत: भये
अंग्रेज़ी: to relate, to give reference, to be afraid
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | दर्भति / दर्भयति | दर्भतः / दर्भयतः | दर्भन्ति / दर्भयन्ति |
| मध्यम | दर्भयसि / दर्भसि | दर्भथः / दर्भयथः | दर्भथ / दर्भयथ |
| उत्तम | दर्भयामि / दर्भामि | दर्भयावः / दर्भावः | दर्भयामः / दर्भामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: दर्भति · लट् (आत्मने.): दर्भयते · लिट्: ददर्भ · लिट् (आत्मने.): दर्भयाञ्चक्रे · लुट्: दर्भयिता · लुट् (आत्मने.): दर्भयिता · लृट्: दर्भयिष्यति · लृट् (आत्मने.): दर्भयिष्यते · लोट्: दर्भतात् · लोट् (आत्मने.): दर्भयताम् · लङ्: अदर्भत् · लङ् (आत्मने.): अदर्भयत · विधिलिङ्: दर्भयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): दर्भयेत · आशीर्लिङ्: दर्भ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): दर्भयिषीष्ट · लुङ्: अददर्भत् · लुङ् (आत्मने.): अददर्भत · लृङ्: अदर्भयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अदर्भयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: दर्भण · ण्वुल्: दर्भकः · तृच्: दर्भिता · यत्: दर्भ्यः · तव्य: दर्भितव्यः · अनीयर्: दर्भणीयः · क्त: दृब्धः · क्तवतु: दृब्धवान् · शतृ: दर्भन् · स्य-शतृ: दर्भिष्यन् · शानच्: दर्भयमाणः · क्त्वा: दर्भित्वा · ल्यप्: प्रदृभ्य · तुमुन्: दर्भितुम् · णमुल्: दर्भम् · घञ्: दर्भः · क्तिन्: दृब्धि · क्वसु: ददृभ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| दर्भति | दृभ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: दर्भता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: दर्भ + तल् (भाववाचक) | दर्भत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दृभ् + शतृ |
दर्भति ➤ सम्बन्ध लगाना, सन्दर्भ लगाना, डरना
संस्कृत: भये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड