॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: गूंथना, रचना
संस्कृत: ग्रन्थे
अंग्रेज़ी: to string together, to tie together
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | दृभति | दृभतः | दृभन्ति |
| मध्यम | दृभसि | दृभथः | दृभथ |
| उत्तम | दृभामि | दृभावः | दृभामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: दृभति · लिट्: ददर्भ · लुट्: दर्भिता · लृट्: दर्भिष्यति · लोट्: दृभतात् · लङ्: अदृभत् · विधिलिङ्: दृभेत् · आशीर्लिङ्: दृभ्यात् · लुङ्: अदर्भीत् · लृङ्: अदर्भिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: दर्भण · ण्वुल्: दर्भकः · तृच्: दर्भिता · तव्य: दर्भितव्यः · अनीयर्: दर्भणीयः · क्त: दृब्धः · क्तवतु: दृब्धवान् · शतृ: दृभन् · स्य-शतृ: दर्भिष्यन् · क्त्वा: दर्भित्वा · ल्यप्: प्रदृभ्य · तुमुन्: दर्भितुम् · णमुल्: दर्भम् · घञ्: दर्भः · क्तिन्: दृब्धि · क्वसु: ददृभ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| दृभति | दृभ् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: दृभत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दृभ् + शतृ | दृभत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दृभ् + शतृ |
दृभति ➤ गूंथना, रचना
संस्कृत: ग्रन्थे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड