🕉️ 29 October 2026, Thursday · 03:47:48 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

धृष्णोति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

धृष्णोति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

धृष्णोति

अर्थ: गर्व करना, अपने को बड़ा समझना

संस्कृत: प्रागल्भ्ये

अंग्रेज़ी: to boast, to be proud, to show off

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. धृष् धातु (स्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — धृष् (स्वादिगण) · अर्थ: गर्व करना, अपने को बड़ा समझना (प्रागल्भ्ये)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमधृष्णोतिधृष्णुतःधृष्णुवन्ति
मध्यमधृष्णोषिधृष्णुथःधृष्णुथ
उत्तमधृष्णोमिधृष्णुवःधृष्णुमः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: धृष्णोति · लिट्: दधर्ष · लुट्: धर्षिता · लृट्: धर्षिष्यति · लोट्: धृष्णुतात् · लङ्: अधृष्णोत् · विधिलिङ्: धृष्णुयात् · आशीर्लिङ्: धृष्यात् · लुङ्: अधर्षीत् · लृङ्: अधर्षिष्यत्

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: धर्षण · ण्वुल्: धर्षकः · तृच्: धर्षिता · तव्य: धर्षितव्यः · अनीयर्: धर्षणीयः · क्त: धृष्टः · क्तवतु: धृष्टवान् · शतृ: धृष्णुवन् · स्य-शतृ: धर्षिष्यन् · क्त्वा: धर्षित्वा · ल्यप्: प्रधृष्य · तुमुन्: धर्षितुम् · णमुल्: धर्षम् · घञ्: धर्षः · क्तिन्: धृष्टि · क्वसु: दधृष्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
धृष्णोतिधृष् धातु (स्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

धृष्णोति ➤ गर्व करना, अपने को बड़ा समझना
संस्कृत: प्रागल्भ्ये

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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