॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चीरना, टुकड़े टुकड़े करना, फाड़ना
संस्कृत: विशरणे
अंग्रेज़ी: to cut,to split, to fragment, to tear, to shatter
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ध्राडते | ध्राडेते | ध्राडन्ते |
| मध्यम | ध्राडसे | ध्राडेथे | ध्राडध्वे |
| उत्तम | ध्राडे | ध्राडावहे | ध्राडामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): ध्राडते · लिट् (आत्मने.): दध्राडे · लुट् (आत्मने.): ध्राडिता · लृट् (आत्मने.): ध्राडिष्यते · लोट् (आत्मने.): ध्राडताम् · लङ् (आत्मने.): अध्राडत · विधिलिङ् (आत्मने.): ध्राडेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): ध्राडिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अध्राडिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अध्राडिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ध्राडन · ण्वुल्: ध्राडकः · तृच्: ध्राडिता · ण्यत्: ध्राड्यः · तव्य: ध्राडितव्यः · अनीयर्: ध्राडनीयः · क्त: ध्राडितः · क्तवतु: ध्राडितवान् · शानच्: ध्राडमानः · क्त्वा: ध्राडित्वा · ल्यप्: प्रध्राड्य · तुमुन्: ध्राडितुम् · णमुल्: ध्राडम् · घञ्: ध्राडः · क्तिन्: ध्राट्टि · क्वसु: दध्राड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ध्राडते | ध्राड् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ध्राडता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ध्राड् + घञ् · तद्धित: ध्राड + तल् (भाववाचक) | ध्राडता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: ध्राड् + घञ् · तद्धित: ध्राड + तल् (भाववाचक) |
ध्राडते ➤ चीरना, टुकड़े टुकड़े करना, फाड़ना
संस्कृत: विशरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड