॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सींचना, गीला करना, सेवा करना
संस्कृत: सेवने सेचने संस्रने च
अंग्रेज़ी: to sprinkle,to make wet, to serve
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | निन्वति | निन्वतः | निन्वन्ति |
| मध्यम | निन्वसि | निन्वथः | निन्वथ |
| उत्तम | निन्वामि | निन्वावः | निन्वामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: निन्वति · लिट्: निनिन्व · लुट्: निन्विता · लृट्: निन्विष्यति · लोट्: निन्वतात् · लङ्: अनिन्वत् · विधिलिङ्: निन्वेत् · आशीर्लिङ्: निन्व्यात् · लुङ्: अनिन्वीत् · लृङ्: अनिन्विष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: निन्वन · ण्वुल्: निन्वकः · तृच्: निन्विता · ण्यत्: निन्व्यः · तव्य: निन्वितव्यः · अनीयर्: निन्वनीयः · क्त: निन्वितः · क्तवतु: निन्वितवान् · शतृ: निन्वन् · स्य-शतृ: निन्विष्यन् · क्त्वा: निन्वित्वा · ल्यप्: प्रणिन्व्य · तुमुन्: निन्वितुम् · णमुल्: निन्वम् · घञ्: निन्वः · क्तिन्: निनूति · क्वसु: निनिन्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| निन्वति | निन्व् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: निन्वत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: निन्व् + शतृ | निन्वत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: निन्व् + शतृ |
निन्वति ➤ सींचना, गीला करना, सेवा करना
संस्कृत: सेवने सेचने संस्रने च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड