॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: गूंथना, लपेटना, हिस्से करना
संस्कृत: ग्रन्थे वेष्टने च
अंग्रेज़ी: to clothe, to knead, to cover, to make parts
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पठयति | पठयतः | पठयन्ति |
| मध्यम | पठयसि | पठयथः | पठयथ |
| उत्तम | पठयामि | पठयावः | पठयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पठयति · लट् (आत्मने.): पठयते · लिट्: पठयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): पठयाञ्चक्रे · लुट्: पठयिता · लुट् (आत्मने.): पठयिता · लृट्: पठयिष्यति · लृट् (आत्मने.): पठयिष्यते · लोट्: पठयतात् · लोट् (आत्मने.): पठयताम् · लङ्: अपठयत् · लङ् (आत्मने.): अपठयत · विधिलिङ्: पठयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पठयेत · आशीर्लिङ्: पठ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पठयिषीष्ट · लुङ्: अपपठत् · लुङ् (आत्मने.): अपपठत · लृङ्: अपठयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपठयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पठन · ण्वुल्: पठकः · तृच्: पठयिता · यत्: पठ्यः · तव्य: पठयितव्यः · अनीयर्: पठनीयः · क्त: पठितः · क्तवतु: पठितवान् · शतृ: पठयन् · स्य-शतृ: पठयिष्यन् · शानच्: पठयमानः · क्त्वा: पठयित्वा · ल्यप्: प्रपठय्य · तुमुन्: पठयितुम् · णमुल्: पठम् · क्तिन्: पट्टि · क्वसु: पठयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पठयति | पठ धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पठ धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | पठयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पठ + शतृ |
पठयति ➤ गूंथना, लपेटना, हिस्से करना
संस्कृत: ग्रन्थे वेष्टने च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड