॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: पूछना, जानने की इच्छा करना
संस्कृत: ज्ञीप्सायाम्
अंग्रेज़ी: to ask, to seek, to question
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पृच्छति | पृच्छतः | पृच्छन्ति |
| मध्यम | पृच्छसि | पृच्छथः | पृच्छथ |
| उत्तम | पृच्छामि | पृच्छावः | पृच्छामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पृच्छति · लिट्: पप्रच्छ · लुट्: प्रष्टा · लृट्: प्रक्ष्यति · लोट्: पृच्छतात् · लङ्: अपृच्छत् · विधिलिङ्: पृच्छेत् · आशीर्लिङ्: पृच्छ्यात् · लुङ्: अप्राक्षीत् · लृङ्: अप्रक्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: प्रच्छन · ण्वुल्: प्रच्छकः · तृच्: प्रष्टा · ण्यत्: प्रच्छ्यः · तव्य: प्रष्टव्यः · अनीयर्: प्रच्छनीयः · क्त: पृष्टः · क्तवतु: पृष्टवान् · शतृ: पृच्छन् · स्य-शतृ: प्रक्ष्यन् · क्त्वा: पृष्ट्वा · ल्यप्: प्रपृच्छ्य · तुमुन्: प्रष्टुम् · णमुल्: प्रच्छम् · घञ्: प्रच्छः · क्तिन्: पृष्टि · क्वसु: पपृच्छ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पृच्छति | प्रच्छ् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पृच्छत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: प्रच्छ् + शतृ | पृच्छत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: प्रच्छ् + शतृ |
पृच्छति ➤ पूछना, जानने की इच्छा करना
संस्कृत: ज्ञीप्सायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड