॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जानना
संस्कृत: अवगमने
अंग्रेज़ी: to know, to understand
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | बुध्यते | बुध्येते | बुध्यन्ते |
| मध्यम | बुध्यसे | बुध्येथे | बुध्यध्वे |
| उत्तम | बुध्ये | बुध्यावहे | बुध्यामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): बुध्यते · लिट् (आत्मने.): बुबुधे · लुट् (आत्मने.): बोद्धा · लृट् (आत्मने.): भोत्स्यते · लोट् (आत्मने.): बुध्यताम् · लङ् (आत्मने.): अबुध्यत · विधिलिङ् (आत्मने.): बुध्येत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भुत्सीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अबुद्ध · लृङ् (आत्मने.): अभोत्स्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: बोधन · ण्वुल्: बोधकः · तृच्: बोद्धा · ण्यत्: बोध्यः · तव्य: बोद्धव्यः · अनीयर्: बोधनीयः · क्त: बुद्धः · क्तवतु: बुद्धवान् · शानच्: बुध्यमानः · क्त्वा: बुद्ध्वा · ल्यप्: प्रबुध्य · तुमुन्: बोद्धुम् · णमुल्: बोधम् · घञ्: बोधः · क्तिन्: बुद्धि · क्वसु: बुबुध्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| बुध्यते | बुध् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: बुध् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे | बुध् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे |
बुध्यते ➤ जानना
संस्कृत: अवगमने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड