॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मिलाना, मिश्रित करना, चिंतन करना
संस्कृत: अवकल्कने
अंग्रेज़ी: to mix, to think
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | भावयति | भावयतः | भावयन्ति |
| मध्यम | भावयसि | भावयथः | भावयथ |
| उत्तम | भावयामि | भावयावः | भावयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: भावयति · लट् (आत्मने.): भावयते · लिट्: भावयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): भावयाञ्चक्रे · लुट्: भावयिता · लुट् (आत्मने.): भावयिता · लृट्: भावयिष्यति · लृट् (आत्मने.): भावयिष्यते · लोट्: भावयतात् · लोट् (आत्मने.): भावयताम् · लङ्: अभावयत् · लङ् (आत्मने.): अभावयत · विधिलिङ्: भावयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): भावयेत · आशीर्लिङ्: भाव्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भावयिषीष्ट · लुङ्: अबीभवत् · लुङ् (आत्मने.): अबीभवत · लृङ्: अभावयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अभावयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भावन · ण्वुल्: भावकः · तृच्: भावयिता · यत्: भाव्यः · तव्य: भावयितव्यः · अनीयर्: भावनीयः · क्त: भावितः · क्तवतु: भावितवान् · शतृ: भावयन् · स्य-शतृ: भावयिष्यन् · शानच्: भावयमानः · क्त्वा: भावयित्वा · ल्यप्: प्रभाव्य · तुमुन्: भावयितुम् · णमुल्: भावम् · क्तिन्: भाति · क्वसु: भावयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| भावयति | भू धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: भू धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | भू धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
भावयति ➤ मिलाना, मिश्रित करना, चिंतन करना
संस्कृत: अवकल्कने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड