॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: अवयवे
अंग्रेज़ी: to split,to cleave,to divide
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | भिन्दति | भिन्दतः | भिन्दन्ति |
| मध्यम | भिन्दसि | भिन्दथः | भिन्दथ |
| उत्तम | भिन्दामि | भिन्दावः | भिन्दामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: भिन्दति · लिट्: बिभिन्द · लुट्: भिन्दिता · लृट्: भिन्दिष्यति · लोट्: भिन्दतात् · लङ्: अभिन्दत् · विधिलिङ्: भिन्देत् · आशीर्लिङ्: भिन्द्यात् · लुङ्: अभिन्दीत् · लृङ्: अभिन्दिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भिन्दन · ण्वुल्: भिन्दकः · तृच्: भिन्दिता · ण्यत्: भिन्द्यः · तव्य: भिन्दितव्यः · अनीयर्: भिन्दनीयः · क्त: भिन्दितः · क्तवतु: भिन्दितवान् · शतृ: भिन्दन् · स्य-शतृ: भिन्दिष्यन् · क्त्वा: भिन्दित्वा · ल्यप्: प्रभिन्द्य · तुमुन्: भिन्दितुम् · णमुल्: भिन्दम् · घञ्: भिन्दः · क्तिन्: भिन्ति · क्वसु: बिभिन्द्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| भिन्दति | भिन्द् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: भिन्दत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भिन्द् + शतृ | भिन्दता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भिन्द् + घञ् · तद्धित: भिन्द + तल् (भाववाचक) |
भिन्दति ➤ to split,to cleave,to divide (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: अवयवे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड