॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: भय करना, डरना
संस्कृत: भये
अंग्रेज़ी: to fear, to be afraid
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | भ्यसते | भ्यसेते | भ्यसन्ते |
| मध्यम | भ्यससे | भ्यसेथे | भ्यसध्वे |
| उत्तम | भ्यसे | भ्यसावहे | भ्यसामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): भ्यसते · लिट् (आत्मने.): बभ्यसे · लुट् (आत्मने.): भ्यसिता · लृट् (आत्मने.): भ्यसिष्यते · लोट् (आत्मने.): भ्यसताम् · लङ् (आत्मने.): अभ्यसत · विधिलिङ् (आत्मने.): भ्यसेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भ्यसिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अभ्यसिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अभ्यसिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भ्यसन · ण्वुल्: भ्यासकः · तृच्: भ्यसिता · ण्यत्: भ्यास्यः · तव्य: भ्यसितव्यः · अनीयर्: भ्यसनीयः · क्त: भ्यसितः · क्तवतु: भ्यसितवान् · शानच्: भ्यसमानः · क्त्वा: भ्यसित्वा · ल्यप्: प्रभ्यस्य · तुमुन्: भ्यसितुम् · णमुल्: भ्यासम् · घञ्: भ्यासः · क्तिन्: भ्यस्ति · क्वसु: बभ्यस्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| भ्यसते | भ्यस् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: भ्यसता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भ्यस् + अच् · तद्धित: भ्यस + तल् (भाववाचक) | भ्यसता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: भ्यस् + अच् · तद्धित: भ्यस + तल् (भाववाचक) |
भ्यसते ➤ भय करना, डरना
संस्कृत: भये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड