॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अलग करना, विभाग करना, जलाना, भूनना, दग्ध करना
संस्कृत: विभागे
अंग्रेज़ी: to split, to divide, to separate, to partition, to burn, to fry
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | युस्यति | युस्यतः | युस्यन्ति |
| मध्यम | युस्यसि | युस्यथः | युस्यथ |
| उत्तम | युस्यामि | युस्यावः | युस्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: युस्यति · लिट्: युयोस · लुट्: योसिता · लृट्: योसिष्यति · लोट्: युस्यतात् · लङ्: अयुस्यत् · विधिलिङ्: युस्येत् · आशीर्लिङ्: युस्यात् · लुङ्: अयोसीत् · लृङ्: अयोसिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: योसन · ण्वुल्: योसकः · तृच्: योसिता · ण्यत्: योस्यः · तव्य: योसितव्यः · अनीयर्: योसनीयः · क्त: युसितः · क्तवतु: युसितवान् · शतृ: युस्यन् · स्य-शतृ: योसिष्यन् · क्त्वा: युसित्वा · ल्यप्: प्रयुस्य · तुमुन्: योसितुम् · णमुल्: योसम् · घञ्: योसः · क्तिन्: युस्ति · क्वसु: युयुस्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| युस्यति | युस् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: युस्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: युस् + शतृ | युस्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: युस् + शतृ |
युस्यति ➤ अलग करना, विभाग करना, जलाना, भूनना, दग्ध करना
संस्कृत: विभागे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड