🕉️ 29 October 2026, Thursday · 04:48:08 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

रचयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

रचयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

रचयति

अर्थ: रचना करना, शिल्पकार्य करना, ग्रन्थ बनाना

संस्कृत: प्रतियत्ने

अंग्रेज़ी: to create, to craft, to compose

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. रच धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. रच धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. रचयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रच + शतृ
  4. रचयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रच + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — रच (चुरादिगण) · अर्थ: रचना करना, शिल्पकार्य करना, ग्रन्थ बनाना (प्रतियत्ने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमरचयतिरचयतःरचयन्ति
मध्यमरचयसिरचयथःरचयथ
उत्तमरचयामिरचयावःरचयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रचयति · लट् (आत्मने.): रचयते · लिट्: रचयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): रचयाञ्चक्रे · लुट्: रचयिता · लुट् (आत्मने.): रचयिता · लृट्: रचयिष्यति · लृट् (आत्मने.): रचयिष्यते · लोट्: रचयतात् · लोट् (आत्मने.): रचयताम् · लङ्: अरचयत् · लङ् (आत्मने.): अरचयत · विधिलिङ्: रचयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): रचयेत · आशीर्लिङ्: रच्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): रचयिषीष्ट · लुङ्: अररचत् · लुङ् (आत्मने.): अररचत · लृङ्: अरचयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अरचयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रचन · ण्वुल्: रचकः · तृच्: रचयिता · यत्: रच्यः · तव्य: रचयितव्यः · अनीयर्: रचनीयः · क्त: रचितः · क्तवतु: रचितवान् · शतृ: रचयन् · स्य-शतृ: रचयिष्यन् · शानच्: रचयमानः · क्त्वा: रचयित्वा · ल्यप्: प्ररचय्य · तुमुन्: रचयितुम् · णमुल्: रचम् · क्तिन्: रक्ति · क्वसु: रचयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
रचयतिरच धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: रच धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | रचयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रच + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

रचयति ➤ रचना करना, शिल्पकार्य करना, ग्रन्थ बनाना
संस्कृत: प्रतियत्ने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें