॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: शृङ्गार करना, सुशोभित करना
संस्कृत: भूषायाम्
अंग्रेज़ी: to decorate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | रूषति | रूषतः | रूषन्ति |
| मध्यम | रूषसि | रूषथः | रूषथ |
| उत्तम | रूषामि | रूषावः | रूषामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रूषति · लिट्: रुरूष · लुट्: रूषिता · लृट्: रूषिष्यति · लोट्: रूषतात् · लङ्: अरूषत् · विधिलिङ्: रूषेत् · आशीर्लिङ्: रूष्यात् · लुङ्: अरूषीत् · लृङ्: अरूषिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रूषण · ण्वुल्: रूषकः · तृच्: रूषिता · ण्यत्: रूष्यः · तव्य: रूषितव्यः · अनीयर्: रूषणीयः · क्त: रूषितः · क्तवतु: रूषितवान् · शतृ: रूषन् · स्य-शतृ: रूषिष्यन् · क्त्वा: रूषित्वा · ल्यप्: प्ररूष्य · तुमुन्: रूषितुम् · णमुल्: रूषम् · घञ्: रूषः · क्तिन्: रूष्टि · क्वसु: रुरूष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| रूषति | रूष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: रूषता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: रूष + तल् (भाववाचक) | रूषत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रूष् + शतृ |
रूषति ➤ शृङ्गार करना, सुशोभित करना
संस्कृत: भूषायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड