॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अस्पष्ट शब्द करना, हिनहिनाना
संस्कृत: अव्यक्ते शब्दे
अंग्रेज़ी: to snicker, to sound inarticulately
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | रेषते | रेषेते | रेषन्ते |
| मध्यम | रेषसे | रेषेथे | रेषध्वे |
| उत्तम | रेषे | रेषावहे | रेषामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): रेषते · लिट् (आत्मने.): रिरेषे · लुट् (आत्मने.): रेषिता · लृट् (आत्मने.): रेषिष्यते · लोट् (आत्मने.): रेषताम् · लङ् (आत्मने.): अरेषत · विधिलिङ् (आत्मने.): रेषेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): रेषिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अरेषिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अरेषिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रेषण · ण्वुल्: रेषकः · तृच्: रेषिता · ण्यत्: रेष्यः · तव्य: रेषितव्यः · अनीयर्: रेषणीयः · क्त: रेषितः · क्तवतु: रेषितवान् · शानच्: रेषमाणः · क्त्वा: रेषित्वा · ल्यप्: प्ररेष्य · तुमुन्: रेषितुम् · णमुल्: रेषम् · घञ्: रेषः · क्तिन्: रेष्टि · क्वसु: रिरेष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| रेषते | रेष् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: रेषता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: रेष + तल् (भाववाचक) | रेषत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रिष् + शतृ |
रेषते ➤ अस्पष्ट शब्द करना, हिनहिनाना
संस्कृत: अव्यक्ते शब्दे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड