॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सत्कारपूर्वक कुशल प्रश्न पूछना, नमस्कार करना, स्तुति करना
संस्कृत: अभिवादनस्तुत्योः
अंग्रेज़ी: to worship, to show honor, to do homage, to show respect, to venerate, to bow, to salute, to praise, to adore, to greet
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | वन्दते | वन्देते | वन्दन्ते |
| मध्यम | वन्दसे | वन्देथे | वन्दध्वे |
| उत्तम | वन्दे | वन्दावहे | वन्दामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): वन्दते · लिट् (आत्मने.): ववन्दे · लुट् (आत्मने.): वन्दिता · लृट् (आत्मने.): वन्दिष्यते · लोट् (आत्मने.): वन्दताम् · लङ् (आत्मने.): अवन्दत · विधिलिङ् (आत्मने.): वन्देत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): वन्दिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अवन्दिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अवन्दिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वन्दन · ण्वुल्: वन्दकः · तृच्: वन्दिता · ण्यत्: वन्द्यः · तव्य: वन्दितव्यः · अनीयर्: वन्दनीयः · क्त: वन्दितः · क्तवतु: वन्दितवान् · शानच्: वन्दमानः · क्त्वा: वन्दित्वा · ल्यप्: प्रवन्द्य · तुमुन्: वन्दितुम् · णमुल्: वन्दम् · घञ्: वन्दः · क्तिन्: वन्ति · क्वसु: ववन्द्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| वन्दते | वन्द् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: वन्दता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: वन्द + तल् (भाववाचक) | वन्दता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: वन्द + तल् (भाववाचक) |
वन्दते ➤ सत्कारपूर्वक कुशल प्रश्न पूछना, नमस्कार करना, स्तुति करना
संस्कृत: अभिवादनस्तुत्योः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड