॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: शपथ करना, सौगंध खाना, प्रतिज्ञा करना, श्राप देना, गाली देना
संस्कृत: आक्रोशे
अंग्रेज़ी: to swear, to take oath, to pledge, to curse, to abuse
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शपति | शपतः | शपन्ति |
| मध्यम | शपसि | शपथः | शपथ |
| उत्तम | शपामि | शपावः | शपामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शपति · लट् (आत्मने.): शपते · लिट्: शशाप · लिट् (आत्मने.): शेपे · लुट्: शप्ता · लुट् (आत्मने.): शप्ता · लृट्: शप्स्यति · लृट् (आत्मने.): शप्स्यते · लोट्: शपतात् · लोट् (आत्मने.): शपताम् · लङ्: अशपत् · लङ् (आत्मने.): अशपत · विधिलिङ्: शपेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): शपेत · आशीर्लिङ्: शप्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): शप्सीष्ट · लुङ्: अशाप्सीत् · लुङ् (आत्मने.): अशप्त · लृङ्: अशप्स्यत् · लृङ् (आत्मने.): अशप्स्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शपन · ण्वुल्: शापकः · तृच्: शप्ता · यत्: शप्यः · तव्य: शप्तव्यः · अनीयर्: शपनीयः · क्त: शप्तः · क्तवतु: शप्तवान् · शतृ: शपन् · स्य-शतृ: शप्स्यन् · शानच्: शपमानः · क्त्वा: शप्त्वा · ल्यप्: प्रशप्य · तुमुन्: शप्तुम् · णमुल्: शापम् · घञ्: शापः · क्तिन्: शप्ति · क्वसु: शेपिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शपति | शप् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शपता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: शप + तल् (भाववाचक) | शपत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शप् + शतृ |
शपति ➤ शपथ करना, सौगंध खाना, प्रतिज्ञा करना, श्राप देना, गाली देना
संस्कृत: आक्रोशे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड