॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शर्बति | शर्बतः | शर्बन्ति |
| मध्यम | शर्बसि | शर्बथः | शर्बथ |
| उत्तम | शर्बामि | शर्बावः | शर्बामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शर्बति · लिट्: शशर्ब · लुट्: शर्बिता · लृट्: शर्बिष्यति · लोट्: शर्बतात् · लङ्: अशर्बत् · विधिलिङ्: शर्बेत् · आशीर्लिङ्: शर्ब्यात् · लुङ्: अशर्बीत् · लृङ्: अशर्बिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शर्बण · ण्वुल्: शर्बकः · तृच्: शर्बिता · ण्यत्: शर्ब्यः · तव्य: शर्बितव्यः · अनीयर्: शर्बणीयः · क्त: शर्बितः · क्तवतु: शर्बितवान् · शतृ: शर्बन् · स्य-शतृ: शर्बिष्यन् · क्त्वा: शर्बित्वा · ल्यप्: प्रशर्ब्य · तुमुन्: शर्बितुम् · णमुल्: शर्बम् · घञ्: शर्बः · क्तिन्: शर्प्ति · क्वसु: शशर्ब्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शर्बति | शर्ब् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शर्बत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शर्ब् + शतृ | शर्बत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शर्ब् + शतृ |
शर्बति ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड