॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सूंघना
संस्कृत: आघ्राणे
अंग्रेज़ी: to smell
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शिङ्घति | शिङ्घतः | शिङ्घन्ति |
| मध्यम | शिङ्घसि | शिङ्घथः | शिङ्घथ |
| उत्तम | शिङ्घामि | शिङ्घावः | शिङ्घामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शिङ्घति · लिट्: शिशिङ्घ · लुट्: शिङ्घिता · लृट्: शिङ्घिष्यति · लोट्: शिङ्घतात् · लङ्: अशिङ्घत् · विधिलिङ्: शिङ्घेत् · आशीर्लिङ्: शिङ्घ्यात् · लुङ्: अशिङ्घीत् · लृङ्: अशिङ्घिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शिङ्घन · ण्वुल्: शिङ्घकः · तृच्: शिङ्घिता · ण्यत्: शिङ्घ्यः · तव्य: शिङ्घितव्यः · अनीयर्: शिङ्घनीयः · क्त: शिङ्घितः · क्तवतु: शिङ्घितवान् · शतृ: शिङ्घन् · स्य-शतृ: शिङ्घिष्यन् · क्त्वा: शिङ्घित्वा · ल्यप्: प्रशिङ्घ्य · तुमुन्: शिङ्घितुम् · णमुल्: शिङ्घम् · घञ्: शिङ्घः · क्तिन्: शिङ्ग्धि · क्वसु: शिशिङ्घ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शिङ्घति | शिङ्घ् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शिङ्घत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शिङ्घ् + शतृ | शिङ्घत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शिङ्घ् + शतृ |
शिङ्घति ➤ सूंघना
संस्कृत: आघ्राणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड