॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: उत्पन्न करना, प्रसूत करना
संस्कृत: प्रसवे
अंग्रेज़ी: to deliver, to give birth
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शूषति | शूषतः | शूषन्ति |
| मध्यम | शूषसि | शूषथः | शूषथ |
| उत्तम | शूषामि | शूषावः | शूषामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शूषति · लिट्: शुशूष · लुट्: शूषिता · लृट्: शूषिष्यति · लोट्: शूषतात् · लङ्: अशूषत् · विधिलिङ्: शूषेत् · आशीर्लिङ्: शूष्यात् · लुङ्: अशूषीत् · लृङ्: अशूषिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शूषण · ण्वुल्: शूषकः · तृच्: शूषिता · ण्यत्: शूष्यः · तव्य: शूषितव्यः · अनीयर्: शूषणीयः · क्त: शूषितः · क्तवतु: शूषितवान् · शतृ: शूषन् · स्य-शतृ: शूषिष्यन् · क्त्वा: शूषित्वा · ल्यप्: प्रशूष्य · तुमुन्: शूषितुम् · णमुल्: शूषम् · घञ्: शूषः · क्तिन्: शूष्टि · क्वसु: शुशूष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शूषति | शूष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शूषता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: शूष + तल् (भाववाचक) | शूषत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शूष् + शतृ |
शूषति ➤ उत्पन्न करना, प्रसूत करना
संस्कृत: प्रसवे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड