🕉️ 30 October 2026, Friday · 07:13:21 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

श्रयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

श्रयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

श्रयति

अर्थ: सेवा करना

संस्कृत: सेवायाम्

अंग्रेज़ी: to serve

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. श्रि धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. श्रयता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: श्रय + तल् (भाववाचक)
  3. श्रयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रि + शतृ
  4. श्रयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रि + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — श्रि (भ्वादिगण) · अर्थ: सेवा करना (सेवायाम्)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमश्रयतिश्रयतःश्रयन्ति
मध्यमश्रयसिश्रयथःश्रयथ
उत्तमश्रयामिश्रयावःश्रयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: श्रयति · लट् (आत्मने.): श्रयते · लिट्: शिश्राय · लिट् (आत्मने.): शिश्रिये · लुट्: श्रयिता · लुट् (आत्मने.): श्रयिता · लृट्: श्रयिष्यति · लृट् (आत्मने.): श्रयिष्यते · लोट्: श्रयतात् · लोट् (आत्मने.): श्रयताम् · लङ्: अश्रयत् · लङ् (आत्मने.): अश्रयत · विधिलिङ्: श्रयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): श्रयेत · आशीर्लिङ्: श्रीयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): श्रयिषीष्ट · लुङ्: अशिश्रियत् · लुङ् (आत्मने.): अशिश्रियत · लृङ्: अश्रयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अश्रयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्रयण · ण्वुल्: श्रायकः · तृच्: श्रयिता · यत्: श्रेयः · तव्य: श्रयितव्यः · अनीयर्: श्रयणीयः · क्त: श्रितः · क्तवतु: श्रितवान् · शतृ: श्रयन् · स्य-शतृ: श्रयिष्यन् · शानच्: श्रयमाणः · क्त्वा: श्रित्वा · ल्यप्: प्रश्रित्य · तुमुन्: श्रयितुम् · णमुल्: श्रायम् · घञ्: श्रायः · क्तिन्: श्रिति · क्वसु: शिश्रिवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
श्रयतिश्रि धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: श्रयता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: श्रय + तल् (भाववाचक) | श्रयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रि + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

श्रयति ➤ सेवा करना
संस्कृत: सेवायाम्

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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