॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: श्लोक बनाना, कविता करना, रचना करना
संस्कृत: सङ्घाते
अंग्रेज़ी: to compose, to write poem
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | श्लोकते | श्लोकेते | श्लोकन्ते |
| मध्यम | श्लोकसे | श्लोकेथे | श्लोकध्वे |
| उत्तम | श्लोके | श्लोकावहे | श्लोकामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): श्लोकते · लिट् (आत्मने.): शुश्लोके · लुट् (आत्मने.): श्लोकिता · लृट् (आत्मने.): श्लोकिष्यते · लोट् (आत्मने.): श्लोकताम् · लङ् (आत्मने.): अश्लोकत · विधिलिङ् (आत्मने.): श्लोकेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): श्लोकिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अश्लोकिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अश्लोकिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्लोकन · ण्वुल्: श्लोककः · तृच्: श्लोकिता · ण्यत्: श्लोक्यः · तव्य: श्लोकितव्यः · अनीयर्: श्लोकनीयः · क्त: श्लोकितः · क्तवतु: श्लोकितवान् · शानच्: श्लोकमानः · क्त्वा: श्लोकित्वा · ल्यप्: प्रश्लोक्य · तुमुन्: श्लोकितुम् · णमुल्: श्लोकम् · घञ्: श्लोकः · क्तिन्: श्लोक्ति · क्वसु: शुश्लोक्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| श्लोकते | श्लोक् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: श्लोकता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: श्लोक + तल् (भाववाचक) | श्लोकता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: श्लोक + तल् (भाववाचक) |
श्लोकते ➤ श्लोक बनाना, कविता करना, रचना करना
संस्कृत: सङ्घाते
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड