॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सफेद होना, शुभ्र होना
संस्कृत: श्वैत्ये
अंग्रेज़ी: to be white
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | श्विन्दते | श्विन्देते | श्विन्दन्ते |
| मध्यम | श्विन्दसे | श्विन्देथे | श्विन्दध्वे |
| उत्तम | श्विन्दे | श्विन्दावहे | श्विन्दामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): श्विन्दते · लिट् (आत्मने.): शिश्विन्दे · लुट् (आत्मने.): श्विन्दिता · लृट् (आत्मने.): श्विन्दिष्यते · लोट् (आत्मने.): श्विन्दताम् · लङ् (आत्मने.): अश्विन्दत · विधिलिङ् (आत्मने.): श्विन्देत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): श्विन्दिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अश्विन्दिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अश्विन्दिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्विन्दन · ण्वुल्: श्विन्दकः · तृच्: श्विन्दिता · ण्यत्: श्विन्द्यः · तव्य: श्विन्दितव्यः · अनीयर्: श्विन्दनीयः · क्त: श्विन्दितः · क्तवतु: श्विन्दितवान् · शानच्: श्विन्दमानः · क्त्वा: श्विन्दित्वा · ल्यप्: प्रश्विन्द्य · तुमुन्: श्विन्दितुम् · णमुल्: श्विन्दम् · घञ्: श्विन्दः · क्तिन्: श्विन्ति · क्वसु: शिश्विन्द्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| श्विन्दते | श्विन्द् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: श्विन्दता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्विन्द् + घञ् · तद्धित: श्विन्द + तल् (भाववाचक) | श्विन्दता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: श्विन्द् + घञ् · तद्धित: श्विन्द + तल् (भाववाचक) |
श्विन्दते ➤ सफेद होना, शुभ्र होना
संस्कृत: श्वैत्ये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड