॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: आदर करना, सम्मान करना
संस्कृत: आदरे
अंग्रेज़ी: to respect, to honor
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | सूर्क्षति | सूर्क्षतः | सूर्क्षन्ति |
| मध्यम | सूर्क्षसि | सूर्क्षथः | सूर्क्षथ |
| उत्तम | सूर्क्षामि | सूर्क्षावः | सूर्क्षामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: सूर्क्षति · लिट्: सुसूर्क्ष · लुट्: सूर्क्षिता · लृट्: सूर्क्षिष्यति · लोट्: सूर्क्षतात् · लङ्: असूर्क्षत् · विधिलिङ्: सूर्क्षेत् · आशीर्लिङ्: सूर्क्ष्यात् · लुङ्: असूर्क्षीत् · लृङ्: असूर्क्षिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: सूर्क्षण · ण्वुल्: सूर्क्षकः · तृच्: सूर्क्षिता · ण्यत्: सूर्क्ष्यः · तव्य: सूर्क्षितव्यः · अनीयर्: सूर्क्षणीयः · क्त: सूर्क्षितः · क्तवतु: सूर्क्षितवान् · शतृ: सूर्क्षन् · स्य-शतृ: सूर्क्षिष्यन् · क्त्वा: सूर्क्षित्वा · ल्यप्: प्रसूर्क्ष्य · तुमुन्: सूर्क्षितुम् · णमुल्: सूर्क्षम् · घञ्: सूर्क्षः · क्तिन्: सूर्क्ष्टि · क्वसु: सुसूर्क्ष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| सूर्क्षति | सूर्क्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: सूर्क्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: सूर्क्ष् + शतृ | सूर्क्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: सूर्क्ष् + शतृ |
सूर्क्षति ➤ आदर करना, सम्मान करना
संस्कृत: आदरे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड